लखनऊ ट्रिपल मर्डर: तीन लोगों की हत्या के बाद पिस्टल और मैगजीन लेकर शवों के पास बैठा रहा आरोपी, 5 दिसंबर को जानी थी सुयश की बारात
Lucknow Triple Murder Case 2026: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में दिनदहाड़े हुई तीन लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। पूर्व मर्चेंट नेवी ऑफिसर ऋषभ शुक्ला पर गोलीबारी का आरोप है। चश्मदीदों के अनुसार, वारदात के बाद भी आरोपी के हाथ में पिस्टल और मैगजीन थी। इस घटना में आपसी विवाद के साथ शादी को लेकर कथित तानों की भी चर्चा सामने आई है।
लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके में सोमवार को हुई सनसनीखेज गोलीबारी ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। पूर्व मर्चेंट नेवी ऑफिसर ऋषभ शुक्ला पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
इस वारदात का सबसे चौंकाने वाला पहलू प्रत्यक्षदर्शियों का वह दावा है, जिसके मुताबिक गोलीबारी के बाद भी आरोपी ऋषभ शुक्ला घटनास्थल के पास बैठा रहा। बताया जा रहा है कि उसके एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में मैगजीन थी।
मामले में पुलिस आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।
सआदतगंज के नौबस्ता में दिनदहाड़े चलीं गोलियां
घटना सोमवार, 26 अक्टूबर को लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि यहां दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला गोलीबारी तक पहुंच गया।
आरोप है कि ऋषभ शुक्ला ने विवाद के दौरान पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घटना के बाद उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात से आसपास के लोग सहम गए। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की।
पिता-पुत्र और चाचा की हत्या, तीनों एक ही परिवार के सदस्य
इस तिहरे हत्याकांड में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान शिवाजी तिवारी (62), उनके छोटे भाई शिवेंद्र तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी (30) के रूप में हुई है।
शिवाजी तिवारी सेवानिवृत्त कर्मचारी थे, जबकि उनके बेटे सुयश की शादी की तैयारियां चल रही थीं। तीनों घायलों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई।
बरगद के पेड़ के नीचे कार पार्किंग और चबूतरे को लेकर विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे के निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था।
सोमवार सुबह करीब 10 बजकर 35 मिनट पर इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। आरोप है कि पहले लाठी-डंडों से मारपीट हुई और इसके बाद ऋषभ शुक्ला ने पिस्टल से फायरिंग कर दी।
शिवेंद्र तिवारी के साथ विवाद होने पर उनके भाई शिवाजी और भतीजे सुयश बीच-बचाव करने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान तीनों को गोलियां मारी गईं।
पिस्टल लेकर घटनास्थल पर बैठा रहा ऋषभ
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन लोगों को गोली मारने के बाद भी ऋषभ घटनास्थल से नहीं भागा। वह चबूतरे पर बैठा रहा।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि उसके हाथ में पिस्टल और मैगजीन थी। पुलिस ने मौके से आरोपी को हिरासत में लिया और वारदात में कथित तौर पर इस्तेमाल पिस्टल तथा खाली कारतूस बरामद किए।
5 दिसंबर को जानी थी सुयश की बारात, शादी की खुशियां मातम में बदलीं
इस घटना का सबसे दुखद पहलू सुयश तिवारी की शादी से जुड़ा है। आगामी 5 दिसंबर को सुयश की शादी होनी थी। घर में विवाह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं।
परिवार के सदस्य घर की रंगाई-पुताई, शादी की खरीदारी और रिश्तेदारों के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। लेकिन सोमवार की घटना ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
जिस घर में शादी की शहनाई बजने वाली थी, वहां पिता, पुत्र और चाचा की मौत से मातम पसर गया।
शादी न होने के तानों की भी चर्चा, पुलिस जांच में स्पष्ट होगी सच्चाई
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी सामने आई है कि आरोपी ऋषभ शुक्ला की शादी नहीं हुई थी और उसे इस बात को लेकर कथित तौर पर ताने सुनने पड़ते थे।
दूसरी ओर सुयश की शादी तय होने के कारण दोनों परिवारों की परिस्थितियों को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं।
हालांकि, शादी को लेकर कथित तानों और हत्याकांड के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में कार पार्किंग और चबूतरे के निर्माण को लेकर पुराने विवाद की बात सामने आई है।
पुलिस कमिश्नर समेत वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे घटनास्थल
वारदात की जानकारी मिलते ही लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, डीसीपी पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
मृतक पक्ष की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मुख्य आरोपी और अन्य नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस जांच में कई सवालों के जवाब मिलने बाकी
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों परिवारों के बीच चल रहा पुराना विवाद आखिर इतनी बड़ी हिंसा में कैसे बदल गया।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की शुरुआत किस तरह हुई, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार से कितनी गोलियां चलाई गईं और अन्य नामजद व्यक्तियों की क्या भूमिका थी।
इसके साथ ही पूर्व में दोनों परिवारों के बीच हुई शिकायतों और विवादों की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
लखनऊ के सआदतगंज में हुए इस तिहरे हत्याकांड ने एक परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली। पुलिस की विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की पूरी परिस्थितियां तथा आरोपियों की कानूनी जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।