सीएम योगी बोले- गांव की अर्थव्यवस्था की निर्माता बन रहीं महिलाएं, आत्मनिर्भरता की नई राह दिखा रही सरकार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी पर प्रदेशवासियों को मां कूष्मांडा की आराधना की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां कूष्मांडा को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि का सनातन प्रतीक बताते हुए ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब केवल सरकारी योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली निर्माता और नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार बन रही हैं।
ग्रामीण महिलाएं बन रहीं अर्थव्यवस्था की ताकत
सीएम योगी ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ने के लिए काम कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों से वे परिवार की समृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण महिलाएं अब केवल परिवार की जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और विकास की प्रक्रिया में योगदान देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बन रही हैं।
महिला सशक्तिकरण से मजबूत होगा नया उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य जोर महिलाओं को विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने पर रहा। उनका कहना है कि आत्मनिर्भर महिलाएं परिवार, समाज और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक अवसरों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को भी मजबूती मिल सकती है।
नवरात्रि पर मां कूष्मांडा के संदेश का उल्लेख
शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना को समर्पित होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कूष्मांडा को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री का संदेश महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास के महत्व को रेखांकित करता है। ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देना प्रदेश के समग्र विकास और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।