Faridabad से अमेरिका तक सारिका यादव का सफर, कॉलेज से शुरू हुआ करियर और बदली जिंदगी
फरीदाबाद, 20 अक्टूबर 2026। हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली सारिका यादव ने अपनी पढ़ाई और करियर के सफर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। इसमें उन्होंने बताया कि किस तरह कॉलेज के दौरान नए अवसरों को तलाशने और अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने की कोशिश ने उन्हें अमेरिका तक पहुंचने में मदद की। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है जो करियर को लेकर नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
फरीदाबाद में बीता बचपन, पिता सरकारी अधिकारी थे
सारिका यादव ने बताया कि उनका बचपन फरीदाबाद में बीता। उनके पिता केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी CPWD में क्लास-1 गजेटेड अधिकारी थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
परिवार के माहौल और शिक्षा के अनुभवों के बीच सारिका ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। आगे चलकर कॉलेज में दाखिला लेने के बाद उनके सामने करियर के कई नए रास्ते खुलने लगे।
कॉलेज में बदली करियर को लेकर सोच
सारिका के मुताबिक, दिल्ली में पढ़ाई के दौरान कॉलेज का अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण रहा। कॉलेज में नए लोगों से मुलाकात और दोस्तों के साथ बातचीत के जरिए उन्हें करियर के अलग-अलग विकल्पों के बारे में जानने का अवसर मिला।
अक्सर विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी या अपने चुने हुए क्षेत्र तक ही सीमित रहते हैं। लेकिन कॉलेज के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में जानकारी मिलने से करियर को नए नजरिए से देखने में मदद मिल सकती है। सारिका के अनुभव में भी यह बदलाव अहम रहा।
कॉलेज से ही मिली पहली नौकरी
सारिका ने बताया कि उन्होंने निजी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को तलाशना शुरू किया। इसी दौरान उन्हें कॉलेज से ही पहली नौकरी मिल गई। शुरुआती नौकरी ने उन्हें कामकाजी दुनिया को समझने और अपने पेशेवर कौशल को विकसित करने का अवसर दिया।
करियर की शुरुआत में मिला अनुभव आगे बढ़ने के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इससे युवाओं को अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद मिलती है।
कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने का मिला फायदा
सारिका की कहानी का एक प्रमुख संदेश यह है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए नए अवसरों को पहचानना और उन्हें आजमाने की हिम्मत रखना जरूरी है। कई बार विद्यार्थी सीमित विकल्पों पर ध्यान देते हैं, जबकि दूसरे क्षेत्रों में भी उनकी रुचि और योग्यता के अनुरूप अवसर मौजूद हो सकते हैं।
नए लोगों से मिलना, अलग-अलग भूमिकाओं के बारे में जानना और काम के अनुभव से सीखना करियर के फैसलों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। सारिका ने अपने अनुभव के माध्यम से इसी तरह की सीख साझा की है।
अमेरिका तक पहुंचने का सफर बना चर्चा का विषय
फरीदाबाद से पढ़ाई शुरू करने और कॉलेज के दौरान करियर के विकल्प तलाशने से लेकर अमेरिका तक पहुंचने का सारिका का सफर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उनकी कहानी बताती है कि करियर का रास्ता हमेशा पहले से तय नहीं होता। नए अनुभवों और अवसरों के आधार पर व्यक्ति अपनी दिशा बदल सकता है।
हालांकि, हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं। करियर से जुड़े फैसले लेते समय अपनी शिक्षा, कौशल, आर्थिक स्थिति और उपलब्ध अवसरों को ध्यान में रखना जरूरी है।
युवाओं के लिए क्या है सीख?
सारिका यादव की यात्रा से युवाओं को यह सीख मिलती है कि कॉलेज के समय को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इंटर्नशिप, शुरुआती नौकरी, नए कौशल और अलग-अलग पेशों के बारे में जानकारी भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
करियर में आगे बढ़ने के लिए लगातार सीखते रहना, अवसरों को पहचानना और बदलाव के लिए तैयार रहना महत्वपूर्ण है। सारिका का अनुभव इसी बात को सामने लाता है कि सही दिशा में किए गए प्रयास नए रास्ते खोल सकते हैं।