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Pushkar Singh Dhami Review Meeting: अधिकारियों को सख्त निर्देश

By aonenewstv | Published: Oct 14, 2026 12:54 PM

CM योगी ने किया पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन, संघर्ष से सफलता तक का सफर बताया प्रेरणादायक

लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण का विमोचन किया। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उनके जीवन संघर्ष, शिक्षा, सादगी और सार्वजनिक सेवा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यात्रा विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

अभावों से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे रामनाथ कोविंद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनाथ कोविंद के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि कानपुर देहात के छोटे से गांव परौंख से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने का उनका सफर मेहनत, त्याग और संकल्प का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद रामनाथ कोविंद ने शिक्षा और परिश्रम को अपने जीवन का आधार बनाया। उनका जीवन युवाओं को यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर आगे बढ़ा जा सकता है।

बचपन के संघर्षों को कमजोरी नहीं बनने दिया

मुख्यमंत्री ने रामनाथ कोविंद के शुरुआती जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बचपन में कई कठिनाइयों का सामना किया। कम संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आगे चलकर कानून की शिक्षा प्राप्त की।

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, रामनाथ कोविंद ने अपने संघर्षों को कभी बहाना नहीं बनाया। उन्होंने शिक्षा और सार्वजनिक जीवन के माध्यम से समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाई।

वकील से राज्यपाल और फिर राष्ट्रपति तक का सफर

रामनाथ कोविंद ने वकालत से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वे राज्यसभा के सदस्य बने और बिहार के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2017 में उन्होंने भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनका कार्यकाल जुलाई 2022 तक रहा।

मुख्यमंत्री ने उनकी इस यात्रा को लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसेवा और संवैधानिक जिम्मेदारियों के महत्व से जोड़ते हुए सराहा।

अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहे रामनाथ कोविंद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनाथ कोविंद के अपनी जन्मभूमि और जड़ों से जुड़े रहने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बड़े संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी अपनी मिट्टी, पुराने परिचितों और जीवन के शुरुआती अनुभवों को याद रखना उनके व्यक्तित्व की विशेषता है।

मुख्यमंत्री ने उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से सादगी और विनम्रता के महत्व को रेखांकित किया।

युवाओं के लिए प्रेरणा है आत्मकथा

रामनाथ कोविंद की आत्मकथा में उनके जीवन के अनुभवों, संघर्षों और सार्वजनिक सेवा की यात्रा को प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को उनके व्यक्तिगत जीवन और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने के सफर से परिचित कराना है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके योगदान की सराहना की। यह विमोचन समारोह शिक्षा, परिश्रम, सामाजिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व को सामने लाने वाला अवसर रहा।

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