📅 Loading Date & Time...
होम > राजनीति > न्यूज़

CM Yogi SP Recruitment Corruption: वाराणसी में सपा पर हमला

By aonenewstv | Published: Oct 14, 2026 02:43 PM

वाराणसी में CM योगी का सपा पर हमला, भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर PDA नारे पर कसा तंज

वाराणसी, 14 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा के शासनकाल में सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और पार्टी के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक नारे पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। उनके बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर सपा पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार के दौरान हुई भर्तियों का जिक्र किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की एक भर्ती का उदाहरण देते हुए कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए।

योगी ने दावा किया कि उस समय आयोग में एक ऐसे व्यक्ति ने टॉप किया था, जिसके हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और बीए की परीक्षाओं में समान अंक आने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के जरिए तत्कालीन भर्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और सपा सरकार के कार्यकाल में चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर आरोप लगाए।

ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा हैं। संबंधित भर्ती के रिकॉर्ड और किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जा सकती है।

PDA के नारे पर योगी का तंज

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक नारे पर भी मुख्यमंत्री ने तंज कसा। उन्होंने PDA का अर्थ अपने अंदाज में ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए सपा नेतृत्व पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा।

योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की बात करती है, लेकिन उसके शासनकाल में सरकारी नौकरियों और अवसरों के वितरण को लेकर सवाल क्यों उठे। उनके बयान का मकसद सपा के सामाजिक न्याय संबंधी राजनीतिक संदेश को चुनौती देना था।

शिक्षक सम्मेलन में राजनीतिक संदेश

वाराणसी में शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भर्ती, शिक्षा और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में रखा। सरकारी नौकरियों में निष्पक्ष चयन और अवसरों की समानता युवाओं के लिए अहम विषय हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा और सपा के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा के पिछले शासनकाल की आलोचना करते हुए अपनी सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक संदेश दिया। हालांकि, भर्ती व्यवस्था से संबंधित किसी भी दावे का आकलन संबंधित दस्तावेजों, आधिकारिक आंकड़ों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर किया जाना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA बनाम भाजपा की बहस

समाजवादी पार्टी PDA के जरिए पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों को एक राजनीतिक मंच पर लाने की बात करती है। दूसरी ओर, भाजपा सपा पर परिवारवाद और उसके शासनकाल में कथित अनियमितताओं को लेकर हमला करती रही है।

वाराणसी में योगी आदित्यनाथ का यह बयान इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। शिक्षक सम्मेलन के मंच से भर्ती प्रक्रिया और PDA पर निशाना साधकर मुख्यमंत्री ने सपा की राजनीति पर सवाल उठाए। आने वाले समय में इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया और दोनों दलों के बीच राजनीतिक बहस पर नजर रहेगी।

सपा पर राज्यसभा टिकट को लेकर भी निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि PDA की बात करने वाली सपा ने टिकट वितरण में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। उन्होंने पार्टी के एक प्रत्याशी के चयन और दूसरी सीट मुंबई के एक कारोबारी को दिए जाने को लेकर भी तंज कसा।

शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा उठाया

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में करीब 1.60 लाख शिक्षक पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षक भर्ती और नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है तथा सेवानिवृत्ति के कारण खाली होने वाले पदों पर भी नियुक्तियां की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को विद्यार्थियों और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला वर्ग बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाई नहीं कराते, बल्कि बच्चों को सही-गलत का ज्ञान देकर उनके भविष्य को दिशा भी देते हैं।

मुख्य बात: वाराणसी के शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया, शिक्षक पदों और PDA के नारे को लेकर सपा पर हमला बोला। भर्ती और नियुक्तियों से जुड़े उनके आरोपों को संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर परखा जाना चाहिए।

Scroll to Top