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बरेली फर्जी डॉक्टर दवा ठगी: Instagram पर बनते थे एक्सपर्ट, ₹250-300 में बेचते थे नकली इलाज, कैश-ATM कार्ड बरामद

By aonenewstv | Published: Oct 07, 2026 10:20 AM

बरेली फर्जी डॉक्टर दवा ठगी: Instagram पर बनते थे डॉक्टर, ₹250-300 में बेचते थे कथित नकली दवाएं

उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए कथित नकली शक्तिवर्धक दवाएं बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य Instagram पर ‘Herbal and Jari Booti’ नाम से पहचान बनाकर खुद को डॉक्टर और पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ बताते थे। इसके बाद पुरुषों की यौन कमजोरी दूर करने का दावा कर ग्राहकों को दवाएं बेचते थे। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है।

8वीं पास आरोपी बना डॉक्टर

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में 24 वर्षीय समीरुद्दीन भी शामिल है, जिसने कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। आरोप है कि वह फोन पर ग्राहकों से डॉक्टर बनकर बातचीत करता था और उनकी समस्याएं सुनकर दवाएं लेने के लिए राजी करता था।

गिरोह Instagram के जरिए लोगों तक पहुंचता था। ग्राहक सोशल मीडिया पर दिए गए संपर्क के जरिए आरोपियों से बात करते थे और फिर ऑनलाइन ऑर्डर किया जाता था।

₹250 से शुरू होता था कथित इलाज

पुलिस के मुताबिक, ग्राहकों से प्रत्येक ऑर्डर के लिए करीब 250 से 300 रुपये या उससे अधिक UPI के जरिए बैंक खातों में मंगाए जाते थे। इसके बाद दवाओं को पार्सल के जरिए ग्राहकों के पते पर भेजा जाता था।

पुलिस का कहना है कि गिरोह करीब एक साल से इस तरह काम कर रहा था और अलग-अलग राज्यों में पार्सल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

घर में बना रखा था कॉल सेंटर

पुलिस ने सूचना के आधार पर इज्जतनगर थाना क्षेत्र की राजीव एन्क्लेव कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा। वहां कंप्यूटर और मोबाइल के जरिए ग्राहकों का डेटा संभाला जा रहा था। एक आरोपी कथित तौर पर खाली कैप्सूल में पाउडर भरकर उन्हें पैक कर रहा था।

पुलिस ने मौके से 6 कंप्यूटर, 8 मॉनिटर, एक लैपटॉप, 3 प्रिंटर, एक स्कैनर और 12 मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा कथित नकली दवाओं के 85 पैकेट और पैकिंग सामग्री भी मिली।

फर्जी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस भी मिला

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने कार्रवाई से बचने के लिए कथित तौर पर एक फर्जी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस भी तैयार कर रखा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सहारनपुर और मुरादाबाद के खुले बाजारों से सस्ता पाउडर और अन्य कच्चा माल खरीदते थे।

इसके बाद कथित तौर पर कच्चे माल को कैप्सूल में भरकर पैक किया जाता और सोशल मीडिया के जरिए इसका प्रचार किया जाता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले लोग कौन हैं।

1.99 लाख रुपये, 6 चेकबुक और 14 ATM कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को 1.99 लाख रुपये नकद, छह चेकबुक और 14 ATM कार्ड भी मिले। पुलिस अब बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि कथित कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

पुलिस ने समीरुद्दीन (24) और यूसुफ (25) को गिरफ्तार किया है। यूसुफ का भाई इलियास खान मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

देशभर में पार्सल भेजने का दावा

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कथित दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के बाद उन्हें पार्सल के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हैं और कितने ग्राहकों तक ये उत्पाद पहुंचाए गए।

एसपी सिटी मानुष पारीक के मुताबिक, आरोपियों के बैंक खातों और लेनदेन की जांच की जा रही है। साथ ही फरार आरोपी और कथित सप्लायरों की तलाश भी जारी है।

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