अमेठी में स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर हमला, सपा के तीन बागी विधायक बीजेपी में शामिल
अमेठी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अमेठी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के तीन विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस कार्यक्रम में बीजेपी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद रहे। नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के मौके पर स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
स्मृति ईरानी ने अमेठी में अपने संबोधन के दौरान कहा कि राहुल गांधी अपने दम पर अमेठी से चुनाव नहीं लड़ सकते और उन्हें दूसरे राजनीतिक दलों के सहारे की जरूरत पड़ती है। उन्होंने अमेठी के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का निशाना
स्मृति ईरानी ने कहा कि अमेठी इस बात की गवाह है कि राहुल गांधी दूसरे राजनीतिक दलों के सहयोग के बिना चुनावी मैदान में नहीं उतर पाए। उन्होंने दिल्ली में चल रहे राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन को लेकर भी राहुल गांधी पर टिप्पणी की।
बीजेपी नेता ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 1989 से लगातार विधानसभा चुनावों में हार का सामना करती रही है। उन्होंने गांधी परिवार से इस राजनीतिक स्थिति पर जवाब देने की बात कही।
स्मृति ईरानी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। हालांकि, राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सपा के तीन विधायक बीजेपी में शामिल
अमेठी में आयोजित सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने बीजेपी की सदस्यता ली। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और स्मृति ईरानी की मौजूदगी में तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया गया।
तीनों विधायकों के समाजवादी पार्टी नेतृत्व से मतभेद पहले से सामने आते रहे हैं। फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान इन नेताओं ने पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग जाकर बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद उनकी सपा नेतृत्व से दूरी बढ़ गई थी। बाद में समाजवादी पार्टी ने इनमें से नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की थी।
किस विधानसभा क्षेत्र से आते हैं तीनों नेता?
राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। अभय सिंह अयोध्या जिले की गोसाईगंज सीट से विधायक हैं, जबकि विनोद चतुर्वेदी जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से आते हैं।
इन तीनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने को उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इनके पार्टी बदलने से अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र की राजनीति में भी नए समीकरण बनने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
नेताओं ने विकास और पार्टी नेतृत्व पर जताया भरोसा
बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं ने नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास कार्यों तथा पार्टी नेतृत्व पर भरोसा जताया। राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि उनके क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बूथ स्तर पर उनके साथ काम करने वाले कई लोग बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
विनोद चतुर्वेदी ने भी विकास कार्यों और पार्टी नेतृत्व में विश्वास को अपने फैसले का आधार बताया। वहीं, अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी पर कई आरोप लगाए, जिनमें सनातन से जुड़े मुद्दों और भर्ती प्रक्रिया में कथित भेदभाव का उल्लेख किया। ये आरोप उनके बयान का हिस्सा हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने और राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। अमेठी में तीन सपा विधायकों का बीजेपी में शामिल होना और इसी मंच से स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर हमला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस घटनाक्रम का संबंधित विधानसभा क्षेत्रों और प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल बीजेपी ने तीनों नेताओं को अपने साथ जोड़कर आगामी चुनाव से पहले संगठनात्मक विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाया है।