दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 13 नए मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू, CM रेखा गुप्ता ने बताया सरकार का प्लान
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और हवा की गुणवत्ता की बेहतर निगरानी के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने निगरानी व्यवस्था का विस्तार किया है। 13 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली में 13 नए सतत वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों के शुरू होने से राजधानी में प्रदूषण की निगरानी के लिए उपलब्ध स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़कर 60 हो गई है।
इन नए स्टेशनों के जरिए हवा में मौजूद पीएम2.5 और पीएम10 जैसे प्रदूषक तत्वों के स्तर की लगातार निगरानी की जा सकेगी। इससे अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता की स्थिति समझने और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कदम उठाने में मदद मिलेगी।
आनंद विहार प्रदूषण हॉटस्पॉट का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आनंद विहार के प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट का दौरा कर वहां चल रहे प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों से प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली गई।
आनंद विहार दिल्ली के उन इलाकों में शामिल है, जहां यातायात और अन्य गतिविधियों के कारण वायु प्रदूषण की समस्या पर विशेष ध्यान दिया जाता है। निरीक्षण के दौरान संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की निगरानी पर जोर दिया गया।
AI तकनीक से होगी प्रदूषण की निगरानी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के शास्त्री पार्क स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भी दौरा किया गया। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तकनीक, कैमरों, रियल-टाइम डेटा और GPS की मदद से प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की निगरानी की व्यवस्था की गई है।
इस केंद्र के माध्यम से प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने और संबंधित समस्याओं पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाना है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी
प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत कार्यक्रम में पांच सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किए गए। इसके अलावा 150 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई।
इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना दिल्ली सरकार की प्रदूषण नियंत्रण रणनीति का एक हिस्सा है। सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार का लक्ष्य वायु गुणवत्ता में सुधार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की रियल-टाइम निगरानी को मजबूत किया जा रहा है, ताकि राजधानी के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखी जा सके। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी निगरानी नेटवर्क के विस्तार और इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए निगरानी स्टेशनों के विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों, चार्जिंग सुविधाओं और तकनीक आधारित निगरानी को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार के लिए वाहनों, निर्माण गतिविधियों, सड़क की धूल और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर लगातार नियंत्रण रखना भी जरूरी होगा।