सलमान खान से शाहरुख तक, करोड़ों के होंगे ये लग्जरी घर! भारत से दुबई तक बढ़ रहा सेलिब्रिटी ब्रांडेड प्रॉपर्टी का क्रेज
लग्जरी रियल एस्टेट के बाजार में अब सिर्फ अच्छी लोकेशन, शानदार इंटीरियर और आधुनिक सुविधाएं ही घरों की कीमत तय नहीं कर रही हैं। सेलिब्रिटी और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड का नाम भी प्रॉपर्टी की पहचान और उसकी कीमत बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। भारत के मोहाली और गुरुग्राम से लेकर दुबई तक सेलिब्रिटी ब्रांडेड लग्जरी घरों का चलन तेजी से चर्चा में है। सलमान खान, शाहरुख खान और Jacob & Co. जैसे नाम इस बाजार को नई पहचान दे रहे हैं।
मोहाली में सलमान खान के नाम से लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट
पंजाब के मोहाली में एक ऐसे लग्जरी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की चर्चा है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के नाम के साथ अंतरराष्ट्रीय लग्जरी ब्रांड Jacob & Co. को भी जोड़ा गया है।
इस प्रोजेक्ट में कुल पांच टावर बनाने की योजना बताई गई है। इनमें दो टावर सलमान खान के नाम से और बाकी तीन टावर Jacob & Co. ब्रांड के तहत प्रस्तावित हैं।
इस तरह के प्रोजेक्ट में डेवलपर केवल घर या फ्लैट नहीं बेचते, बल्कि एक खास लाइफस्टाइल और ब्रांड से जुड़ी पहचान भी पेश करते हैं। हालांकि, किसी सेलिब्रिटी का नाम प्रोजेक्ट से जुड़ा होने पर खरीदारों को यह जरूर जांचना चाहिए कि उनकी भूमिका क्या है और ब्रांड के इस्तेमाल की आधिकारिक अनुमति किस तरह दी गई है।
दुबई में शाहरुख खान के नाम से रेजिडेंशियल टावर
दुबई के लग्जरी प्रॉपर्टी बाजार में भी सेलिब्रिटी के नाम से जुड़ी रेजिडेंशियल परियोजनाएं चर्चा में हैं। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के नाम से जुड़े एक रेजिडेंशियल टावर प्रोजेक्ट का भी जिक्र है।
दुबई में ब्रांडेड रेजिडेंस का बाजार अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों को आकर्षित करता है। यहां प्रॉपर्टी की कीमत पर लोकेशन, इमारत की सुविधाओं, डेवलपर की प्रतिष्ठा और ब्रांड की पहचान का असर पड़ सकता है।
संबंधित परियोजना के प्रस्तावित हैंडओवर का समय 2029 की चौथी तिमाही बताया गया है। भुगतान योजना 30:70 रखी गई है। इसका मतलब है कि खरीदार को 30 फीसदी रकम निर्माण के दौरान और शेष 70 फीसदी रकम निर्धारित शर्तों के अनुसार बाद में चुकानी होगी। खरीदारी से पहले भुगतान की समयसीमा और अनुबंध की शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है।
भारत में ब्रांडेड लग्जरी घरों का बाजार कितना बड़ा है?
भारत में ब्रांडेड रेजिडेंस का बाजार भी विस्तार कर रहा है। इस श्रेणी में ऐसे घर आते हैं, जिन्हें किसी मशहूर फैशन, ज्वेलरी, हॉस्पिटैलिटी या लाइफस्टाइल ब्रांड के नाम और मानकों से जोड़ा जाता है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन घरों का औसत टिकट साइज करीब 8.81 करोड़ रुपये है। इसका अर्थ है कि इस श्रेणी में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए आम तौर पर बड़ी रकम की जरूरत होती है।
रिपोर्ट में उत्तर भारत की हिस्सेदारी देश की कुल ब्रांडेड रेजिडेंस सप्लाई में करीब 47 फीसदी बताई गई है। यह आंकड़ा दिखाता है कि उत्तर भारत के लग्जरी हाउसिंग बाजार में इस तरह की परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
हालांकि, औसत टिकट साइज और क्षेत्रीय हिस्सेदारी को समझते समय रिपोर्ट की अवधि, बाजार में शामिल परियोजनाओं और इस्तेमाल की गई गणना-पद्धति को भी ध्यान में रखना चाहिए।
ट्रंप टावर्स से Jacob & Co. तक, ब्रांडेड घरों की बढ़ती सूची
ब्रांडेड रेजिडेंस का चलन केवल फिल्मी सितारों तक सीमित नहीं है। फैशन, ज्वेलरी, हॉस्पिटैलिटी और लाइफस्टाइल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भी इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं।
भारत में ट्रंप टावर्स जैसे प्रोजेक्ट इस मॉडल के उदाहरण हैं। वहीं, Jacob & Co. जैसे लग्जरी ब्रांड का नाम भी रियल एस्टेट परियोजनाओं के साथ जुड़ रहा है।
इस मॉडल में ब्रांड अपनी पहचान और डिजाइन संबंधी प्रतिष्ठा उपलब्ध कराता है, जबकि रियल एस्टेट डेवलपर परियोजना के निर्माण और बिक्री की जिम्मेदारी संभाल सकता है। अलग-अलग परियोजनाओं में ब्रांड की वास्तविक भूमिका और जिम्मेदारियां अलग हो सकती हैं।
आखिर क्यों ब्रांड के नाम पर बिकते हैं महंगे घर?
ब्रांडेड लग्जरी घरों की ऊंची कीमत के पीछे कई वजहें होती हैं।
1. ब्रांड की पहचान: मशहूर नाम खरीदारों को खास पहचान और प्रतिष्ठा का एहसास दे सकता है।
2. प्रीमियम सुविधाएं: इन परियोजनाओं में निजी क्लब, कंसीयर्ज सेवाएं, विशेष लाउंज, आधुनिक फिटनेस सुविधाएं और उच्चस्तरीय सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जा सकती हैं। हालांकि, सभी परियोजनाओं में ये सुविधाएं एक जैसी नहीं होतीं।
3. खास डिजाइन और अनुभव: कुछ परियोजनाओं में इंटीरियर, वास्तुकला और सेवाओं को संबंधित ब्रांड की छवि के अनुरूप तैयार किया जाता है।
4. अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की दिलचस्पी: मशहूर ब्रांड से जुड़ी प्रॉपर्टी उन खरीदारों को आकर्षित कर सकती है जो लग्जरी लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय पहचान को महत्व देते हैं।
5. प्रॉपर्टी की मार्केटिंग: किसी चर्चित सेलिब्रिटी या ब्रांड का नाम परियोजना को बाजार में अलग पहचान देने में मदद कर सकता है।
क्या सेलिब्रिटी ब्रांडेड लग्जरी घर निवेश के लिए फायदेमंद हैं?
ब्रांडेड प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि ऊंची कीमत हमेशा अधिक मुनाफे की गारंटी नहीं देती। किसी प्रोजेक्ट की बिक्री कीमत में ब्रांड की प्रतिष्ठा के लिए अतिरिक्त प्रीमियम शामिल हो सकता है।
निवेशकों को इन बातों पर खास ध्यान देना चाहिए:
- लोकेशन: आसपास की कनेक्टिविटी, रोजगार केंद्र, सामाजिक सुविधाएं और भविष्य में इलाके के विकास की संभावनाएं देखें।
- निर्माण की गुणवत्ता: डेवलपर का पिछला रिकॉर्ड, निर्माण मानक और परियोजना की प्रगति जांचें।
- कानूनी स्थिति: संबंधित प्राधिकरण की मंजूरी, लागू होने पर RERA पंजीकरण और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच करें।
- ब्रांड का अनुबंध: पता करें कि सेलिब्रिटी या ब्रांड की भूमिका क्या है और ब्रांड का नाम इस्तेमाल करने की अनुमति किन शर्तों पर दी गई है।
- रखरखाव का खर्च: लग्जरी सुविधाओं के कारण मासिक मेंटेनेंस और अन्य शुल्क ज्यादा हो सकते हैं।
- रीसेल की संभावना: भविष्य में प्रॉपर्टी बेचने पर कितनी मांग होगी, इसकी तुलना आसपास की समान संपत्तियों से करें।
लग्जरी रियल एस्टेट में आगे क्या होगा?
भारत और दुबई जैसे बाजारों में ब्रांडेड रेजिडेंस का बढ़ता चलन बताता है कि लग्जरी हाउसिंग अब केवल बड़े घर और बेहतर लोकेशन तक सीमित नहीं रह गई है। खरीदारों के लिए ब्रांड की पहचान, सेवाओं का स्तर और खास लाइफस्टाइल भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
मोहाली में सलमान खान और Jacob & Co. के नाम से प्रस्तावित टावरों से लेकर दुबई में सेलिब्रिटी से जुड़े रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट तक, यह ट्रेंड लग्जरी रियल एस्टेट के बदलते स्वरूप को दिखाता है।
फिर भी, खरीदारों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि क्या प्रॉपर्टी की कीमत उसकी वास्तविक गुणवत्ता, लोकेशन और भविष्य की मांग के अनुरूप है। किसी मशहूर नाम से जुड़ाव आकर्षक हो सकता है, लेकिन निवेश का फैसला हमेशा परियोजना की पूरी जांच और वित्तीय गणना के आधार पर ही करना चाहिए।
नोट: इस खबर में शामिल परियोजनाओं, कीमतों, भुगतान योजना और बाजार के आंकड़ों को खरीद