शिवपाल यादव का कांग्रेस पर पलटवार, मैनपुरी-सैफई में रैली को लेकर सपा-कांग्रेस में बढ़ी बयानबाजी
रिपोर्टर: दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद कांग्रेस की ओर से सपा के गढ़ माने जाने वाले इटावा, मैनपुरी और सैफई में चुनावी अभियान चलाने की बात कही गई। इसी मुद्दे पर सपा के वरिष्ठ नेता और जसवंतनगर विधायक शिवपाल यादव ने कांग्रेस पर पलटवार किया है।
शिवपाल यादव से जब कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र गौतम के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें मैनपुरी-सैफई से अभियान शुरू करने की बात कही गई थी, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस वहां जाकर अभियान चला सकती है, लेकिन उनके मुताबिक उसे जसवंतनगर में वोट नहीं मिलेगा। शिवपाल ने जसवंतनगर में सपा की लगातार चुनावी पकड़ का भी जिक्र किया। यह शिवपाल यादव का राजनीतिक दावा है, जिसका स्वतंत्र रूप से चुनावी परिणाम के रूप में आकलन नहीं किया जा सकता।
रायबरेली से अखिलेश की PDA रथ यात्रा
अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली से अपनी PDA रथ यात्रा शुरू की थी। सपा के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि आगामी चुनाव में PDA की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
रायबरेली से यात्रा शुरू होने के बाद कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा था कि अगर अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं तो कांग्रेस के नेता भी कन्नौज, मैनपुरी और सैफई जा सकते हैं। उन्होंने इसे नेताओं के अपने-अपने राजनीतिक कार्यक्रम चलाने के अधिकार से जोड़ा।
शिवपाल ने कांग्रेस के अभियान पर दिया जवाब
इसी बयानबाजी के बीच शिवपाल यादव ने कांग्रेस के संभावित मैनपुरी-सैफई अभियान को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कहीं जाने से कोई रोक नहीं रहा है, लेकिन जसवंतनगर में उसे वोट नहीं मिलने की बात कही।
शिवपाल यादव ने कहा कि “करें, वहां से वोट तो मिलना नहीं है”। उन्होंने जसवंतनगर को सपा का मजबूत क्षेत्र बताते हुए दावा किया कि यहां पार्टी की रिकॉर्ड जीत होती रही है और आगे भी होगी। यह बयान आगामी चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में आया है।
इमरान मसूद ने किया पलटवार
शिवपाल यादव के बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शिवपाल यादव के राजनीतिक कद का सम्मान करने की बात कहते हुए उनकी सपा के भीतर भूमिका पर सवाल उठाया।
इमरान मसूद ने कहा कि शिवपाल यादव बड़े नेता हैं और कांग्रेस के लिए आदरणीय एवं सम्माननीय हैं, लेकिन पार्टी के भीतर उनकी कितनी पूछ है, यह भी सभी जानते हैं। इस बयान के साथ ही सपा और कांग्रेस नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई।
अजय राय पहले ही दे चुके हैं जवाब
इससे पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि चुनाव के समय कोई भी नेता किसी भी क्षेत्र में जा सकता है। उन्होंने कहा था कि अगर अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं, तो कांग्रेस के नेता भी सैफई, कन्नौज और मैनपुरी का दौरा कर सकते हैं।
अजय राय की इसी प्रतिक्रिया के बाद मैनपुरी और सैफई में कांग्रेस के संभावित कार्यक्रमों को लेकर चर्चा तेज हुई। शिवपाल यादव का ताजा बयान इसी राजनीतिक घटनाक्रम की अगली कड़ी माना जा रहा है।
सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का मुद्दा भी अहम
2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाओं को लेकर भी लगातार चर्चा चल रही है। अखिलेश यादव ने रायबरेली में गठबंधन के सवाल पर सीटों के बंटवारे में जीतने की क्षमता को आधार बनाने की बात कही थी।
हालांकि, दोनों दलों के नेताओं की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान और सीटों को लेकर बयान सामने आने के बावजूद गठबंधन की अंतिम तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए शिवपाल यादव और कांग्रेस नेताओं के बीच जारी बयानबाजी को फिलहाल चुनावी तैयारियों और राजनीतिक दावों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
ओम प्रकाश राजभर पर भी शिवपाल का निशाना
शिवपाल यादव से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर द्वारा अखिलेश यादव पर किए जा रहे हमलों को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर शिवपाल यादव ने राजभर को लेकर कहा कि उनके बारे में सभी जानते हैं। उन्होंने विस्तार से कोई नया राजनीतिक समीकरण घोषित नहीं किया, लेकिन उनका बयान राजभर और सपा के बीच जारी राजनीतिक मतभेदों के संदर्भ में आया।
2027 से पहले बढ़ रही सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी आगे हैं, लेकिन प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने संगठनात्मक और जनसंपर्क कार्यक्रम तेज कर दिए हैं। सपा की PDA रथ यात्रा और कांग्रेस के संभावित इटावा-मैनपुरी-सैफई कार्यक्रम इसी व्यापक चुनावी गतिविधि का हिस्सा हैं।