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UPI ट्रांजैक्शन चार्ज के विरोध में आगरा में व्यापारियों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

By aonenewstv | Published: Oct 08, 2026 04:39 AM

UPI ट्रांजैक्शन चार्ज के विरोध में आगरा में व्यापारियों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

आगरा। यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्ज के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) महानगर आगरा के नेतृत्व में व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया और एसडीएम जूडिशियल राम कृष्णा को ज्ञापन सौंपकर यूपीआई ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित चार्ज को वापस लेने की मांग की।

महानगर अध्यक्ष नरेश पाण्डेय ने कहा कि 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों पर पहले से ही कई तरह के कर और अन्य आर्थिक दायित्व हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत बढ़ने से व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

नरेश पाण्डेय ने कहा कि यूपीआई आज व्यापार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। बड़ी संख्या में ग्राहक डिजिटल भुगतान के जरिए खरीदारी करते हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर बाजार की गतिविधियों पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की।

महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया ने कहा कि व्यापारी सरकार की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद व्यापारियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान माध्यम पर अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों की परेशानी बढ़ाने वाला कदम है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्ज वापस नहीं लिया गया तो उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। व्यापारियों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ को स्वीकार नहीं करेंगे।

महानगर मंत्री रामकुमार अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी पहले से ही रेलवे टिकट, मोबाइल रिचार्ज और अन्य सेवाओं में डिजिटल भुगतान से जुड़े शुल्क का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारिक लेनदेन पर अतिरिक्त चार्ज लगाया जाना उचित नहीं है और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।

व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई भुगतान को लेकर सरकार की ओर से जारी व्यवस्था में सभी लेनदेन पर शुल्क नहीं है। केंद्र सरकार के अनुसार व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेगा और ₹2,000 तक के पात्र व्यापारी लेनदेन भी प्रभावित नहीं होंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि MDR सरकार या NPCI द्वारा टैक्स के रूप में वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े पक्षों के बीच वितरित किया जाता है।

इसके बावजूद आगरा के व्यापारियों का कहना है कि ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेनदेन पर MDR लागू होने से उनके परिचालन खर्च में बढ़ोतरी होगी। व्यापारियों ने सरकार से इस व्यवस्था को वापस लेने या व्यापारियों को इससे राहत देने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम जूडिशियल राम कृष्णा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्ज को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

इस दौरान महानगर अध्यक्ष नरेश पाण्डेय, महानगर कोषाध्यक्ष सुरेश लवानिया, अरुण गुप्ता, कपूर चंद रावत, मनोज गुप्ता, उस्मान आगाई, रामकुमार अग्रवाल, रवि गोयल, क़ुतुब मलिक, अबरार खान, सोनू अग्रवाल, सचिन जैन, सगीर खान सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

व्यापारियों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

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