UP Flood 2026: कानपुर में गंगा और लखनऊ में गोमती का कहर, रिहायशी इलाकों में घुसा पानी
लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों और तटीय इलाकों में पानी फैल रहा है, जबकि राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई निचले रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। (AajTak)
कानपुर में गंगा का बढ़ा जलस्तर
कानपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे बसे इलाकों और गांवों में दिखाई दे रहा है। कई प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। गंगा बैराज के आसपास करीब 8 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। (AajTak)
हालांकि, अलग-अलग निगरानी बिंदुओं पर जलस्तर में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण प्रशासन ने तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। (Jagran)
लखनऊ में गोमती ने बढ़ाई मुश्किल
राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का पानी लगातार फैल रहा है। नदी का जलस्तर 108.14 मीटर तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते फैजुल्लागंज समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। ग्रामीण इलाकों में भी गोमती के बढ़े जलस्तर का असर देखने को मिल रहा है। (AajTak)
कई जगह लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नावों की व्यवस्था की है और राहत शिविरों के जरिए लोगों तक भोजन व जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। (AajTak)
20 साल बाद लेटे हनुमान मंदिर तक पहुंचा पानी
लखनऊ में बाढ़ की स्थिति का सबसे बड़ा असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। गोमती नदी का पानी हनुमत धाम स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। मंदिर के प्रांगण और गर्भगृह में पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। (AajTak)
स्थानीय लोगों और पुजारियों के मुताबिक, लंबे समय बाद मंदिर परिसर में इस तरह पानी पहुंचा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। (AajTak)
फैजुल्लागंज में नाव से पहुंचे DM और JCP
बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार नाव से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। (AajTak)
प्रशासन ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ राहत टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। (AajTak)
30 नावें और राहत शिविर लगाए गए
लखनऊ में राहत अभियान के लिए करीब 30 नावें और चार राहत शिविर लगाए गए हैं। प्रभावित लोगों को ड्राई राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन इलाकों में राहतकर्मी सीधे नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां ड्रोन के जरिए दवा के छिड़काव की व्यवस्था भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेडिकल किट और क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध करा रही हैं। (AajTak)
रिवरफ्रंट की फूड वैली अस्थायी रूप से बंद
गोमती के बढ़े जलस्तर का असर लखनऊ के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भी पड़ा है। गोमती रिवरफ्रंट की फूड वैली को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। हनुमत धाम, प्राचीन शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। (AajTak)
निचले इलाकों में प्रशासन का फोकस
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन का मुख्य फोकस नदी किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर है। राजस्व, स्वास्थ्य, नगर निगम, पुलिस और पशुपालन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई है। (AajTak)
फिलहाल कानपुर में गंगा और लखनऊ में गोमती के बढ़े जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।