गोड्डा के शिक्षक रीतेश रंजन को भागलपुर में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान
विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर बिहार के भागलपुर में आयोजित महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह में झारखंड के गोड्डा जिले के शिक्षक रीतेश रंजन को उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान, समर्पण और विद्यार्थियों के लिए किए जा रहे नवाचारी प्रयासों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
रीतेश रंजन गोड्डा जिले के महागामा क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिल्हा में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मक और नवाचारी गतिविधियों के लिए उन्हें पहले भी पहचान मिल चुकी है। सितंबर 2026 में उनके शिक्षण कार्य से संबंधित वीडियो को राष्ट्रीय स्तर के ‘भविष्य का शिक्षक’ अभियान में भी शामिल किया गया था।
भागलपुर में आयोजित हुआ सम्मान समारोह
यह सम्मान समारोह भागलपुर के कर्णगढ़, नाथनगर स्थित सनातन धर्म रक्षिणी सभा भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
आयोजकों के अनुसार, दानवीर कर्ण की धरती भागलपुर में आयोजित इस समारोह में पड़ोसी राज्य झारखंड के गोड्डा जिले से आए शिक्षक रीतेश रंजन का सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों की सराहना है। पड़ोसी राज्य में मिला यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ गोड्डा जिले के लिए भी गौरव का विषय है।
नवाचारी शिक्षण के लिए मिली पहचान
रीतेश रंजन विद्यार्थियों के सीखने को आसान और रोचक बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों और नवाचारी शिक्षण विधियों से जुड़े रहे हैं। उनके प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। ‘भविष्य का शिक्षक’ अभियान में उनके वीडियो का चयन इसी दिशा में उनके कार्यों को मिली पहचान के तौर पर देखा गया था।
शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयासों से विद्यार्थियों की सीखने में रुचि बढ़ाने और शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
सम्मान को बताया शिक्षा और समाज निर्माण का सम्मान
सम्मान मिलने के बाद रीतेश रंजन ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान वास्तव में शिक्षा, संस्कार और समाज निर्माण के कार्य का सम्मान है। इस तरह के सम्मान शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक प्रतिबद्धता और ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के कार्यों और नवाचारों को मंच मिलने से उन्हें अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलता है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने की जिम्मेदारी भी बढ़ती है।
तीन संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन युग चेतना फाउंडेशन, अंग जन गण और दानवीर कर्ण वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह में शिक्षा और समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।
गोड्डा के शिक्षक रीतेश रंजन को मिला यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को मिली एक और पहचान के रूप में सामने आया है। उनके सम्मान से गोड्डा जिले के शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में भी उत्साह का माहौल है।