कथित स्टिंग वीडियो केस में सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से की मुलाकात, पुलिस जांच पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान सिद्धारमैया ने अपने खिलाफ सामने आए कथित स्टिंग वीडियो मामले को लेकर चर्चा की और जांच की दिशा पर असंतोष जताया। उन्होंने इस मामले को अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखी।
सिद्धारमैया का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो मनगढ़ंत हैं और उन्हें उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस मामले में पुलिस जांच को लेकर भी उनकी नाराजगी सामने आई है।
राहुल गांधी के सामने उठाया कथित स्टिंग वीडियो का मुद्दा
सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने राहुल गांधी को कथित स्टिंग वीडियो मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीडियो को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया है।
सिद्धारमैया चाहते हैं कि मामले की जांच केवल वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति तक सीमित न रहे, बल्कि वीडियो तैयार करने और कथित तौर पर इसे प्रसारित करने के पीछे की पूरी प्रक्रिया की भी पड़ताल हो।
पुलिस जांच से क्यों नाखुश हैं सिद्धारमैया?
सिद्धारमैया की नाराजगी का एक बड़ा कारण पुलिस जांच का दायरा बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि वीडियो किसने अपलोड किया था। हालांकि, सिद्धारमैया का मानना है कि जांच में यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि कथित वीडियो किसने तैयार किया और इसके पीछे कौन लोग थे।
उनका कहना है कि केवल वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान से पूरे मामले का खुलासा नहीं होगा। वीडियो बनाने, उसमें इस्तेमाल किए गए उपकरणों और इसे सामने लाने के पीछे की कथित साजिश की भी जांच होनी चाहिए।
सितंबर में यूट्यूब पर अपलोड हुए थे दो वीडियो
इस मामले की शुरुआत सितंबर में हुई थी, जब कथित तौर पर यूट्यूब पर दो वीडियो अपलोड किए गए थे। इन वीडियो में सिद्धारमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेता ने कानूनी रास्ता अपनाया और अदालत का रुख किया।
सिद्धारमैया ने इन वीडियो को फैब्रिकेटेड यानी मनगढ़ंत बताया है। उनका आरोप है कि इनका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता को लेकर जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
मोबाइल फोन की खरीद को लेकर भी सामने आई जानकारी
कुछ दिन पहले इस मामले में एक और जानकारी सामने आई थी। बताया गया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली से खरीदा गया था। इस संबंध में यह जानकारी भी सामने आई कि मोबाइल फोन को देश की राजधानी में एक केंद्रीय मंत्री से जुड़े व्यक्ति ने खरीदा था।
इस पहलू के सामने आने के बाद मामले की जांच को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं। हालांकि, मोबाइल फोन की खरीद से जुड़े तथ्यों और कथित स्टिंग ऑपरेशन में उसकी भूमिका की पुष्टि जांच के जरिए ही हो सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व के सामने मामला उठने से बढ़ी चर्चा
सिद्धारमैया की राहुल गांधी से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब कथित स्टिंग वीडियो मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी चर्चा जारी है। इस मुलाकात में उन्होंने पार्टी नेतृत्व को अपनी चिंताओं से अवगत कराया।
अब इस मामले में आगे की जांच किस दिशा में बढ़ती है और पुलिस कथित वीडियो तैयार करने वाले लोगों की भूमिका की पड़ताल करती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
कुल मिलाकर, सिद्धारमैया ने कथित स्टिंग वीडियो को अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया है और पुलिस जांच के दायरे पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है।