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Satya Niketan PG Accident: बच्चों की सुरक्षा के लिए आधुनिक सरकारी हॉस्टल बनाए सरकार- परमजीत सिंह पम्मा

By yogesh jindoria | Published: Sep 13, 2026 12:30 PM

Satya Niketan PG Accident: बच्चों की सुरक्षा के लिए आधुनिक सरकारी हॉस्टल बनाए सरकार- परमजीत सिंह पम्मा

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर 2026 को पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने की दर्दनाक घटना ने छात्र सुरक्षा और निजी हॉस्टलों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में सात लोगों की जान चली गई। घटना के बाद भवन की संरचना, निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों को लेकर जांच जारी है।

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों एवं अन्य मृतकों की आत्मा की शांति के लिए नेशनल अकाली दल (NAD) की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा की अध्यक्षता में दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष दीपक मित्तल, नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय सचिव जसवीर सिंह सरना, दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह सचदेवा, सचिव बलविंदर सिंह सरना, सुनील पुरी सहित पार्टी के अनेक सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।

‘बेहद दुखद और चिंताजनक है सत्य निकेतन हादसा’

परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जिस उम्र में बच्चे अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं, उस उम्र में उनकी जिंदगी असुरक्षित इमारतों और लापरवाही की भेंट चढ़ जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पीजी की आड़ में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से हर महीने हजारों रुपये किराए के रूप में लिए जाते हैं, ऐसे में पीजी संचालकों की जिम्मेदारी है कि वहां रहने वाले छात्रों को सुरक्षित और मानक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की मांग

पम्मा ने कहा कि कई पीजी भवनों में भवन की मजबूती, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद यह जरूरी हो गया है कि दिल्ली सहित देश के प्रमुख शहरों में संचालित पीजी और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाए।

उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी पीजी भवनों का नियमित सुरक्षा ऑडिट, स्ट्रक्चरल जांच और फायर सेफ्टी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही भवन निर्माण और संचालन से संबंधित आवश्यक अनुमतियों की भी नियमित जांच होनी चाहिए।

ताजा जांच में भी सत्य निकेतन की इमारत को लेकर मंजूर मंजिलों से अधिक निर्माण और बेसमेंट में निर्माण कार्य किए जाने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इमारत को केवल दो मंजिलों की मंजूरी थी, जबकि उसमें अतिरिक्त निर्माण हुआ था।

‘सुरक्षित और आधुनिक सरकारी हॉस्टल बनाए सरकार’

नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने सरकार से मांग की कि दिल्ली समेत देश के प्रमुख शहरों में पढ़ाई और रोजगार के लिए आने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, किफायती और आधुनिक सरकारी हॉस्टल बनाए जाएं।

उन्होंने कहा कि यदि छात्रों को उचित किराए पर सुरक्षित सरकारी या संस्थागत हॉस्टल उपलब्ध होंगे तो उन्हें मजबूरी में असुरक्षित पीजी में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

नियम तोड़ने वाले संचालकों पर हो सख्त कार्रवाई

पम्मा ने कहा कि जो पीजी संचालक भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी या निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए, ताकि नियमों की अनदेखी को बढ़ावा न मिले।

उन्होंने कहा कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय सरकार को पहले से ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे असुरक्षित इमारतों की पहचान समय रहते हो सके और उनमें छात्रों के रहने पर रोक लगाई जा सके।

‘बच्चे देश का भविष्य हैं’

परमजीत सिंह पम्मा ने कहा, “बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि सरकार और समाज की भी जिम्मेदारी है। किसी भी कीमत पर बच्चों की जिंदगी के साथ समझौता नहीं होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए छात्र आवासों के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना जरूरी है। पीजी संचालकों के साथ-साथ संबंधित प्रशासनिक विभागों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

मृतकों के परिवारों के प्रति जताई संवेदना

कार्यक्रम के अंत में नेशनल अकाली दल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

सत्य निकेतन हादसे के बाद आसपास के कई छात्र आवासों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है और छात्र तथा अभिभावक सुरक्षित आवास व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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