Satya Niketan Building Collapse: PG संचालकों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिरने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला 6 सितंबर को हुए दर्दनाक हादसे से जुड़ा है, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग अचानक गिर गई थी। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। इस पीजी में दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी रह रहे थे।
PG संचालकों को न्यायिक हिरासत
मामले में पुलिस ने पीजी संचालन से जुड़े आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी को गिरफ्तार किया था। रविवार को दोनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस हादसे की परिस्थितियों और बिल्डिंग से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत के निर्माण, इस्तेमाल और सुरक्षा मानकों से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
सात लोगों की हुई थी मौत
6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया था।
घटना ने दिल्ली में पुरानी और असुरक्षित इमारतों के साथ-साथ पीजी और किराये की इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिल्डिंग मालिकों की भी गिरफ्तारी
मामले में बिल्डिंग के मालिक 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की जांच में अब यह पता लगाने पर जोर है कि हादसे के पीछे लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की क्या भूमिका रही।
घटना के बाद दिल्ली में ऐसी इमारतों की सुरक्षा और निर्माण मानकों की जांच को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में इमारतों की स्थिति और नियमों के पालन की जांच की जा रही है।
DU छात्रों के रहने से बढ़ी चिंता
सत्य निकेतन का इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच लोकप्रिय है और यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी तथा किराये के मकानों में रहते हैं। हादसे में छात्रों के प्रभावित होने के कारण इस घटना ने राजधानी में छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
सवाल यह है कि जिन इमारतों में बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग रहते हैं, वहां निर्माण गुणवत्ता, अग्नि सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती की नियमित जांच कितनी प्रभावी तरीके से की जाती है।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद सुधांशु और शुभम त्यागी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे के कारणों और कथित लापरवाही से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।