पंचकूला स्कूल मारपीट मामला: PGI से डिस्चार्ज होकर घर लौटी KG की मासूम बच्ची, परिवार ने कहा- यह दूसरा जन्म है
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में स्कूल के अंदर केजी कक्षा की मासूम बच्ची के साथ हुई बेरहमी से मारपीट की घटना के बाद अब राहत भरी खबर सामने आई है। जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने वाली बच्ची को आखिरकार अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। PGI से डिस्चार्ज होने के बाद बच्ची अपने घर लौट आई है। कई दिनों से चिंता और डर के माहौल में रह रहे परिवार ने बच्ची की घर वापसी पर राहत की सांस ली है।
बच्ची के घर लौटने के बाद परिवार में खुशियों का माहौल है। परिजनों के मुताबिक, जिस हालत में बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया था, उसे देखकर सभी बेहद डर गए थे। परिवार को उसकी जिंदगी को लेकर चिंता सता रही थी, लेकिन डॉक्टरों के इलाज और लोगों की दुआओं के बीच बच्ची की हालत में सुधार हुआ और अब वह अपने घर पहुंच गई है।
चाचा बोले- बच्ची का हुआ दूसरा जन्म
बच्ची के चाचा ने भावुक होते हुए कहा कि यह उनकी बच्ची का दूसरा जन्म है। उन्होंने बताया कि जब मासूम को अस्पताल ले जाया गया था, तब उसकी हालत देखकर परिवार को काफी डर लग रहा था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा।
चाचा ने कहा कि पूरे देश के लोगों ने बच्ची के लिए दुआएं कीं। हिंदुस्तान के कोने-कोने से लोगों ने उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। परिवार उन सभी लोगों का आभारी है, जिन्होंने इस मुश्किल समय में बच्ची के लिए प्रार्थना की।
परिवार ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का जताया आभार
बच्ची के पिता ने इलाज के दौरान सहयोग करने वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि PGI के डायरेक्टर ने भी बच्ची का हालचाल जाना था और उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।
परिवार ने अस्पताल में बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मेहनत की सराहना की। पिता के मुताबिक, मुश्किल समय में अस्पताल की पूरी टीम ने बच्ची की देखभाल की और परिवार को हर संभव सहयोग दिया।
माता-पिता ने स्कूलों को दी बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने की सलाह
इस घटना के बाद बच्ची के माता-पिता ने स्कूलों के शिक्षकों और प्रबंधन से अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाने की अपील की है। उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
बच्ची की मां ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की होती है। स्कूल में बच्चों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अभिभावक अपने बच्चों को भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए स्कूल प्रशासन को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
पंचकूला की इस घटना ने स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। KG जैसी शुरुआती कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चे अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन पर निर्भर रहते हैं।
ऐसे में स्कूलों में बच्चों की देखभाल, निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है। बच्ची की घर वापसी से परिवार को बड़ी राहत मिली है, लेकिन इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।