करनाल में PUBG खेलने से रोकने पर नहर में कूदा 15 साल का छात्र, 9वीं कक्षा में करता था पढ़ाई
करनाल: हरियाणा के करनाल में एक 15 वर्षीय छात्र के नहर में छलांग लगाने का मामला सामने आया है। छात्र नौवीं कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि घर में पढ़ाई और मोबाइल पर PUBG गेम खेलने को लेकर हुई कहासुनी के बाद उसने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिवार में चिंता और दुख का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, छात्र का नाम प्रिंस है और उसकी उम्र 15 साल है। वह मोबाइल पर गेम खेलता था। परिवार के लोगों ने उसे पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा था। इसी बात को लेकर घर में बातचीत हुई, जिसके बाद छात्र घर से निकल गया और नहर में छलांग लगा दी।
पढ़ाई के लिए कहा था, परिजनों ने डांटने से किया इनकार
परिजनों के मुताबिक, घर में कोई बड़ी कहासुनी नहीं हुई थी। उन्होंने प्रिंस को केवल पढ़ाई करने के लिए कहा था। परिवार ने मोबाइल गेम खेलने को लेकर उसे बेरहमी से डांटने या किसी बड़ी बहस होने की बात से इनकार किया है।
हालांकि, घटना के बाद यह चर्चा सामने आई कि PUBG खेलने से रोकने को लेकर छात्र नाराज था। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि मोबाइल गेम को लेकर हुई बातचीत ही इस घटना की सीधी वजह थी।
नहर में छलांग लगाने से परिवार में मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि घर से निकलने के बाद प्रिंस नहर तक पहुंचा और उसमें छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद छात्र की तलाश को लेकर प्रयास शुरू किए गए।
15 साल की उम्र में इस तरह की घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को झकझोर दिया है।
मोबाइल गेम और बच्चों की मानसिक स्थिति पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद बच्चों में मोबाइल गेमिंग की आदत और परिवार के साथ संवाद को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किशोरावस्था में बच्चों के व्यवहार और भावनात्मक स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। पढ़ाई, मोबाइल और गेमिंग को लेकर बच्चों पर दबाव बनाने के बजाय उनसे बातचीत करना और उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है।
माता-पिता को बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, तनाव या अकेले रहने जैसी स्थितियों पर ध्यान देना चाहिए। किसी भी परेशानी की स्थिति में बच्चों को भरोसेमंद माहौल और भावनात्मक सहयोग देना महत्वपूर्ण है।
नोट: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिजनों ने किसी बड़ी कहासुनी या PUBG को लेकर डांटने की बात से इनकार किया है। इसलिए घटना की वजह को फिलहाल जांच और पुष्टि का विषय माना जाना चाहिए।