नेशनल अकाली दल ने वृद्ध आश्रम में की लंगर सेवा, बुजुर्गों को बांटी धार्मिक पुस्तकें और खाद्य सामग्री
वृद्ध आश्रमों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय: परमजीत सिंह पम्मा
सेवा और मानवता का संदेश लेकर बुजुर्गों के बीच पहुंचे ‘एंग्री मैन’ पम्मा
नई दिल्ली। नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ‘एंग्री मैन’ परमजीत सिंह पम्मा के नेतृत्व में पीरागढ़ी स्थित सेवा धाम वृद्ध आश्रम में लंगर सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को भोजन कराया गया और धार्मिक पुस्तकें तथा खाद्य सामग्री वितरित की गई। परमजीत सिंह पम्मा ने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनका कुशलक्षेम जाना और समाज को सेवा, सम्मान तथा मानवता का संदेश दिया।
वृद्ध आश्रमों की बढ़ती संख्या पर जताई चिंता
इस अवसर पर परमजीत सिंह पम्मा ने वृद्ध आश्रमों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन माता-पिता ने अपना पूरा जीवन बच्चों की परवरिश करने, उनकी शिक्षा और उनका भविष्य संवारने में लगा दिया, उन्हें बुढ़ापे में अकेलेपन का सामना करना पड़े, यह पूरे समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बच्चे अपने माता-पिता के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। जबकि जीवन के इस पड़ाव पर बुजुर्गों को सबसे अधिक प्यार, सम्मान, देखभाल और भावनात्मक सहारे की जरूरत होती है। परिवार और समाज की जिम्मेदारी है कि बुजुर्गों को अकेलापन महसूस न होने दिया जाए और उन्हें सम्मानजनक जीवन मिले।
बुजुर्गों के साथ समय बिताकर दिया सेवा का संदेश
लंगर सेवा के दौरान परमजीत सिंह पम्मा ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों से बातचीत की और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान भोजन के साथ धार्मिक पुस्तकें और खाद्य सामग्री भी वितरित की गई।
पम्मा ने कहा कि समाजसेवा का वास्तविक उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की मदद करना और उनके जीवन में अपनापन लाना है। बुजुर्गों की सेवा केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर परिवार और समाज का नैतिक कर्तव्य है।
बुजुर्ग की मृत्यु से जुड़े वायरल वीडियो का किया जिक्र
परमजीत सिंह पम्मा ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें एक बुजुर्ग की मृत्यु के बाद उनकी बेटी द्वारा कथित तौर पर ऑनलाइन अंतिम संस्कार करने और इसमें लगने वाले समय के बारे में पूछे जाने की बात सामने आई थी।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चे अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने तक के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं, तो यह पारिवारिक रिश्तों और संस्कारों को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, वीडियो से जुड़े दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
पम्मा ने कहा कि माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी केवल उनकी जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें भावनात्मक सहयोग देना और उनके सुख-दुख में साथ रहना भी उतना ही जरूरी है।
‘माता-पिता बोझ नहीं, जीवन की सबसे बड़ी धरोहर’
परमजीत सिंह पम्मा ने कहा, “माता-पिता कोई बोझ नहीं, बल्कि हमारे जीवन की सबसे बड़ी धरोहर हैं। जिस तरह उन्होंने बचपन में हमारा हाथ थामा, उसी तरह बुढ़ापे में हमें भी उनका हाथ थामकर रखना चाहिए।”
उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील की कि वह अपने माता-पिता की सेवा करे, उन्हें पर्याप्त समय दे और उनके साथ प्यार तथा सम्मान से पेश आए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल करना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और संस्कारों का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर सेवा धाम वृद्ध आश्रम की संचालक रेनू लूथरा, नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय सचिव विक्रांत मोहन, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भावना धवन, सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रश्मीत कौर बिंद्रा, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह मारवाह, उपाध्यक्ष वरिंदर आर्य और सुनीता अरोड़ा सहित संगठन के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि नेशनल अकाली दल भविष्य में भी समाजसेवा के कार्यों को जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और मानवता की सच्ची पहचान जरूरतमंदों के काम आने में है।”
इस आयोजन के माध्यम से संगठन ने बुजुर्गों की देखभाल, पारिवारिक जिम्मेदारियों और समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देने का संदेश दिया।