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Delhi Airport CJP Leaders Detained: फ्लाइट के अंदर CJP नेताओं को हिरासत में लिया, 12 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी तैनात

By aonenewstv | Published: Oct 10, 2026 08:50 AM

दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट के अंदर CJP नेताओं को हिरासत में लिया, अभिजीत दिपके बोले- गिरफ्तार करना है तो करो

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी के दो अन्य नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट के अंदर से हिरासत में ले लिया गया। मुंबई से आई एयर इंडिया की फ्लाइट के दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी विमान के अंदर पहुंचे और अभिजीत दिपके, सौरव दास तथा आशुतोष रंका को अपने साथ ले गए। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया, जिसमें पुलिस और नेताओं के बीच बातचीत होती दिखाई दी।

इस घटना में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी चर्चा का विषय रही। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस टीम विमान के अंदर पहुंची और नेताओं को हिरासत में लिया। उस समय यात्री विमान से उतरने की तैयारी कर रहे थे।

फ्लाइट के अंदर पहुंची पुलिस, नेताओं ने उठाए सवाल

जानकारी के अनुसार, अभिजीत दिपके और उनके साथी नेता शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उनका उद्देश्य जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। विमान के उतरने के बाद पुलिसकर्मी अंदर पहुंचे और नेताओं को अपने साथ चलने के लिए कहा।

वीडियो में अभिजीत दिपके पुलिसकर्मियों से कहते नजर आए कि उन्हें विमान से बाहर उतरने के बाद भी हिरासत में लिया जा सकता था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं और यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है तो ऐसा कर सकती है।

पुलिसकर्मियों ने उन्हें सहयोग करने के लिए कहा। इसके बाद तीनों नेताओं को विमान से बाहर ले जाया गया। उन्हें कहां ले जाया गया, इसकी तत्काल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।

12 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की चर्चा

इस कार्रवाई में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हुई। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 12 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का उल्लेख किया गया। हालांकि, विमान के अंदर कार्रवाई करने के पीछे पुलिस की आधिकारिक रणनीति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।

विमान के भीतर यात्रियों की सीटों के बीच आने-जाने की जगह सीमित होती है। ऐसे में किसी तरह की धक्का-मुक्की या टकराव से स्थिति बिगड़ने की आशंका रहती है। कुछ रिपोर्टों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को संभावित टकराव से बचने की रणनीति के तौर पर देखा गया, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की नहीं मिली थी अनुमति

CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शन के जरिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की योजना थी।

दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और आम लोगों को होने वाली संभावित परेशानी का हवाला देते हुए प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रदर्शन में शामिल होने की आशंका वाले कई लोगों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई।

CJP ने हिरासत में लेने की कार्रवाई का विरोध किया

पार्टी ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को विमान से हिरासत में लिए जाने की आलोचना की। CJP ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई प्रदर्शन के नेतृत्व को आयोजन स्थल तक पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से की गई। पार्टी ने इसे नेताओं की आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।

दूसरी ओर, पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के पीछे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित अव्यवस्था को रोकने की बात कही गई।

प्रदर्शन से पहले अन्य लोगों पर भी कार्रवाई

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अन्य लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। इनमें यूट्यूबर ध्रुव राठी और पार्टी की कानूनी टीम से जुड़ी रत्ना सिंह का नाम भी शामिल बताया गया। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बीच पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर सतर्कता बरती।

फिलहाल, अभिजीत दिपके और अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटना ने प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और सार्वजनिक विरोध के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए नेताओं की स्थिति से जुड़ी जानकारी का इंतजार है।

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