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Kolkata Durga Puja Pandal Safety Inspection Begins After Chorbagan Stampede

By aonenewstv | Published: Oct 18, 2026 12:52 PM

कोलकाता भगदड़ के बाद एक्शन में प्रशासन, दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा जांचने पहुंची हाईलेवल कमेटी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। रविवार से एक हाईलेवल कमेटी ने शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा शुरू किया। कमेटी का उद्देश्य पंडालों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करना और संभावित हादसों को रोकने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं का आकलन करना है।

शनिवार शाम भारी बारिश और भीड़ के बीच चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना हुई थी। इस हादसे के बाद पूजा आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास और आपातकालीन इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी कर रही निरीक्षण

बड़े दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा जांच के लिए गठित हाईलेवल कमेटी में आपदा प्रबंधन सचिव राजेश कुमार सिंह और फायर सर्विसेज के डायरेक्टर जनरल अनुज शर्मा शामिल हैं। कमेटी को प्रमुख पूजा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने की जिम्मेदारी दी गई है।

निरीक्षण के दौरान पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ को नियंत्रित करने के उपाय, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

सियालदह स्टेशन के पास से शुरू हुआ निरीक्षण

कमेटी ने अपना दौरा सियालदह स्टेशन के पास स्थित एक प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल से शुरू किया। इसके बाद कोलकाता के अन्य बड़े पूजा स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पंडालों में पहुंचते हैं। कई स्थानों पर संकरी सड़कें और सीमित प्रवेश-निकास मार्ग भीड़ को नियंत्रित करने में चुनौती पैदा कर सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा इंतजामों की समय रहते समीक्षा करना बेहद जरूरी है।

भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन निकास पर जोर

बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ का दबाव अचानक बढ़ने पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए पंडालों में प्रवेश और निकास मार्गों को व्यवस्थित रखना, आपातकालीन रास्तों को बाधामुक्त रखना और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना तैयार करना महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और प्रशासन तथा आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय भी सुरक्षा व्यवस्था के अहम हिस्से हैं।

चोरबागान हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ ने उत्सव के दौरान लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हादसे के बाद प्रमुख पंडालों की जांच को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के जरिए सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

कोलकाता की दुर्गा पूजा अपनी भव्य सजावट और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। हर साल यहां बड़ी संख्या में लोग पूजा पंडालों को देखने पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजकों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उत्सव के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

निष्कर्ष: चोरबागान भगदड़ के बाद कोलकाता प्रशासन ने दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों की हाईलेवल कमेटी प्रमुख पंडालों का निरीक्षण कर रही है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करना और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाना है।

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