राहुल गांधी जो कर रहे हैं, वो हम कॉलेज में करते थे: जेपी नड्डा का तंज, विपक्ष को दी नसीहत
नई दिल्ली। इंडिया टुडे और आजतक के हेल्थ वेल्थ समिट के मंच पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीति पर तीखा तंज कसा। राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के दौरान नड्डा ने विपक्ष की आक्रामक रणनीति, उसकी विश्वसनीयता और सरकार के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आज जो कर रहे हैं, वैसा वे कॉलेज के दिनों में किया करते थे।
राहुल गांधी की राजनीति पर जेपी नड्डा का तंज
समिट के दौरान जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर टिप्पणी करते हुए कहा, “राहुल गांधी जो कर रहे हैं, वो हम कॉलेज में करते थे।” उनके इस बयान को कांग्रेस नेता की विरोध और आंदोलन की रणनीति पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया।
नड्डा ने विपक्ष की मौजूदा राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल आक्रामक रुख अपनाने या सरकार पर लगातार हमले करने से राजनीतिक प्रभाव नहीं बनता। इसके लिए ठोस मुद्दों, जिम्मेदारी और जनता के बीच विश्वसनीयता भी जरूरी है।
‘विपक्ष को हमसे ट्यूशन ले लेनी चाहिए’
जेपी नड्डा ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाने के लिए सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में सरकार का विरोध करने के साथ-साथ जनता के मुद्दों पर जिम्मेदारी से अपनी बात रखना भी जरूरी है।
नड्डा खुद लंबे समय तक विपक्ष की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इसी अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने विपक्ष की रणनीति और उसके काम करने के तरीके पर टिप्पणी की। उनके बयान का संदेश था कि विरोध केवल राजनीतिक आरोपों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसके पीछे स्पष्ट सोच और ठोस मुद्दे होने चाहिए।
विश्वसनीयता को बताया अच्छे विपक्ष की पहली शर्त
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक प्रभावी विपक्ष के लिए विश्वसनीयता बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, जनता के बीच अपनी साख बनाए रखना किसी भी राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण होता है।
नड्डा ने विपक्ष की विरोध शैली पर भी सवाल उठाए और उसे ऐसी राजनीति से बचने की सलाह दी, जिसमें विरोध करने के बाद जिम्मेदारी से पीछे हटने का आरोप लगता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अपना महत्व है, लेकिन विपक्ष को अपनी बात तथ्यों और विश्वसनीयता के आधार पर रखनी चाहिए।
उनकी टिप्पणियां ऐसे समय में आईं, जब केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार बयानबाजी देखने को मिल रही है।
राजनीतिक चर्चा के बाद युवाओं और सेहत पर लौटे नड्डा
समिट में राजनीतिक सवालों और विपक्ष पर टिप्पणी के बीच जेपी नड्डा ने अंत में चर्चा को फिर से स्वास्थ्य के विषय की ओर मोड़ा। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और मोबाइल फोन से वीडियो बना रहे छात्रों के बीच उन्होंने सेहत से जुड़े मुद्दों पर बात की।
हेल्थ वेल्थ समिट का उद्देश्य स्वास्थ्य और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा करना था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में आ गए। नड्डा की राहुल गांधी और कांग्रेस पर की गई टिप्पणियों ने कार्यक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया।
कांग्रेस और विपक्ष पर हमले से बढ़ी राजनीतिक गर्माहट
जेपी नड्डा के बयान को कांग्रेस और विपक्ष की रणनीति पर भाजपा के हमले के रूप में देखा जा रहा है। राहुल गांधी की राजनीति पर तंज कसने के साथ-साथ उन्होंने विपक्ष को अपनी विश्वसनीयता मजबूत करने की सलाह दी।
नड्डा की टिप्पणियों से साफ है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला जारी है। हालांकि, विपक्ष की भूमिका को लेकर बहस के बीच लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और नीतियों की आलोचना करना भी विपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।