📅 Loading Date & Time...
A One News Menu ✕

Jammu Kashmir CM Omar Abdullah News: Darbar Move Begins, 91 Government Offices to Shift to Jammu

जम्मू-कश्मीर में Darbar Move शुरू, 91 सरकारी कार्यालय श्रीनगर से जम्मू शिफ्ट; 2 नवंबर से CM उमर अब्दुल्ला करेंगे जम्मू से कामकाज

जम्मू-कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के मौसम को देखते हुए वार्षिक प्रशासनिक बदलाव यानी दरबार मूव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के तहत श्रीनगर से जम्मू में सरकारी कार्यालयों को स्थानांतरित किया जा रहा है। इस बार कुल 91 सरकारी कार्यालय और प्रतिष्ठान जम्मू में अपना कामकाज शुरू करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 2 नवंबर 2026 से जम्मू के सिविल सचिवालय में सरकारी कामकाज शुरू हो जाएगा।

दरबार मूव के तहत सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, जरूरी दस्तावेजों और कार्यालयों के रिकॉर्ड को श्रीनगर से जम्मू पहुंचाया जा रहा है। रविवार, 1 नवंबर को भी कर्मचारियों और सरकारी सामान का काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरता रहा। रामबन जिले से काफिले के गुजरने के दौरान सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए।

91 सरकारी कार्यालयों का होगा स्थानांतरण

जम्मू-कश्मीर सरकार ने शीतकालीन सत्र 2026-27 के लिए 91 सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों को जम्मू स्थानांतरित करने का कार्यक्रम बनाया है। इन कार्यालयों में सिविल सचिवालय और विभिन्न सरकारी विभाग शामिल हैं।

सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय 30 अक्टूबर को श्रीनगर में बंद हुए, जबकि छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय 31 अक्टूबर को बंद किए गए। अब ये कार्यालय 2 नवंबर से जम्मू में दोबारा काम करना शुरू करेंगे।

कर्मचारियों को मिलेगा 25 हजार रुपये का विशेष यात्रा भत्ता

दरबार मूव के तहत जम्मू स्थानांतरित होने वाले पात्र सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार ने 25,000 रुपये का विशेष मूव यात्रा भत्ता निर्धारित किया है। यह राशि कर्मचारियों को स्थानांतरण के दौरान होने वाले खर्च को ध्यान में रखते हुए दी जाएगी।

हालांकि, निर्धारित समय सीमा के भीतर जम्मू स्थानांतरित नहीं होने वाले कर्मचारियों को इस विशेष भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने कर्मचारियों की यात्रा को व्यवस्थित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को पर्याप्त बसों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा और ट्रैफिक के विशेष इंतजाम

श्रीनगर से जम्मू आने वाले कर्मचारियों के काफिले को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई। 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए, ताकि सरकारी कर्मचारियों के काफिले को बिना किसी बड़ी बाधा के निकाला जा सके।

रामबन सहित राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। पुलिस और संबंधित विभागों ने काफिले की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ काम किया।

CM उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को दिए थे जरूरी निर्देश

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दरबार मूव की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कर्मचारियों की सुरक्षित यात्रा, परिवहन, आवास और अन्य सुविधाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन और यातायात विभाग को पर्याप्त बसें उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों के काफिले को व्यवस्थित तरीके से रवाना करने को कहा था। उन्होंने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे।

यात्रा के दौरान किसी कर्मचारी की तबीयत खराब होने या आपात स्थिति से निपटने के लिए रास्ते में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया था।

जम्मू में सरकारी इमारतों और सड़कों का सौंदर्यीकरण

सरकारी कार्यालयों के जम्मू पहुंचने से पहले शहर में कई स्तरों पर तैयारियां की गई हैं। सिविल सचिवालय, सरकारी भवनों और कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत और रखरखाव का काम कराया गया है।

इसके अलावा शहर की सड़कों की मरम्मत, डिवाइडरों की पेंटिंग, फुटपाथों की सफाई और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के ठहरने और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है।

श्रीनगर में भी जारी रहेगा सरकारी कामकाज

दरबार मूव के बाद श्रीनगर में सरकारी कामकाज पूरी तरह बंद नहीं होगा। वहां विंटर सचिवालय संचालित किया जाएगा, जिसमें सीमित संख्या में अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों की श्रीनगर में उपलब्धता के लिए मासिक रोस्टर तैयार किया जाए। इससे कश्मीर के लोगों को अपनी प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सुविधा मिल सकेगी।

क्या है जम्मू-कश्मीर का दरबार मूव?

दरबार मूव जम्मू-कश्मीर की लगभग 150 साल पुरानी प्रशासनिक परंपरा है। इसकी शुरुआत वर्ष 1872 में डोगरा शासन के दौरान हुई थी। इस व्यवस्था के तहत गर्मियों में सरकारी कार्यालय श्रीनगर से और सर्दियों में जम्मू से संचालित किए जाते हैं।

जून 2021 में तत्कालीन उपराज्यपाल प्रशासन ने इस परंपरा को बंद कर दिया था। उस समय ई-ऑफिस व्यवस्था और सरकारी खर्च में बचत को इसकी वजह बताया गया था। बाद में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2025 में इस परंपरा को दोबारा शुरू किया।

अब वर्ष 2026-27 के शीतकालीन सत्र के लिए फिर से दरबार मूव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 2 नवंबर से जम्मू में 91 सरकारी कार्यालयों के कामकाज शुरू होने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था अगले छह महीनों के लिए जम्मू से संचालित होगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top