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Indian Railways Loud Phone Warning: Avoid Loud Calls and Speaker Audio on Trains

By aonenewstv | Published: Oct 19, 2026 02:36 PM

ट्रेन में तेज आवाज में फोन पर बात करना पड़ सकता है महंगा, रेलवे की यात्रियों को चेतावनी

स्पीकर पर ऑडियो-वीडियो चलाने से दूसरे यात्रियों को होती है परेशानी, साउथ-वेस्टर्न रेलवे ने डिवीजनों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए

नई दिल्ली। ट्रेन या रेलवे परिसर में मोबाइल फोन पर तेज आवाज में बात करना और स्पीकर पर ऑडियो-वीडियो चलाना अब यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। भारतीय रेलवे ने यात्रियों से सार्वजनिक स्थानों पर शोर न करने और दूसरे यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की है। साउथ-वेस्टर्न रेलवे ने अपने सभी डिवीजनों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं, ताकि ट्रेन और रेलवे परिसर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा जा सके।

रेलवे के मुताबिक, मोबाइल इंटरनेट की उपलब्धता बढ़ने के साथ सार्वजनिक जगहों पर फोन के स्पीकर से वीडियो, संगीत और अन्य कंटेंट चलाने की आदत बढ़ी है। इससे आसपास बैठे यात्रियों को परेशानी होती है और यात्रा के दौरान शांति भंग होती है।

तेज आवाज में फोन चलाने से दूसरे यात्रियों को परेशानी

ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को अलग-अलग जरूरतों और परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कोई आराम करना चाहता है, कोई पढ़ाई या काम करता है, तो कुछ यात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान शांति की जरूरत होती है। ऐसे में तेज आवाज में फोन पर बातचीत करना या स्पीकर पर वीडियो चलाना दूसरों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय आवाज धीमी रखें। खासकर रात के समय और लंबी दूरी की ट्रेनों में दूसरे यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है।

ईयरफोन का करें इस्तेमाल

साउथ-वेस्टर्न रेलवे ने अपने डिवीजनों को निर्देश दिया है कि यात्रियों तक यह संदेश पहुंचाया जाए। इसके लिए स्थानीय भाषाओं के साथ हिंदी और अंग्रेजी में भी सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली यानी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए जागरूकता संदेश प्रसारित करने को कहा गया है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि मोबाइल पर संगीत सुनते समय या वीडियो देखते समय ईयरफोन का इस्तेमाल करें। फोन पर बातचीत के दौरान भी आवाज सामान्य रखें, ताकि आसपास मौजूद लोगों को परेशानी न हो।

रेलवे परिसर में भी रखें शांति का ध्यान

रेलवे की अपील केवल ट्रेन के डिब्बों तक सीमित नहीं है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी यात्रियों से शोर कम रखने की अपेक्षा की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर फोन के स्पीकर से तेज आवाज में कंटेंट चलाने से दूसरे यात्रियों की सुविधा प्रभावित हो सकती है।

रेलवे का उद्देश्य यात्रियों में जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना और सभी के लिए यात्रा को अधिक आरामदायक बनाना है। इसके लिए यात्रियों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।

क्या तेज आवाज में फोन चलाने पर लगेगा जुर्माना?

रेलवे की चेतावनी के संदर्भ में यात्रियों के लिए यह समझना जरूरी है कि उपलब्ध जानकारी में इस निर्देश के तहत किसी नए जुर्माने की निश्चित राशि या अलग दंड व्यवस्था की पुष्टि नहीं होती। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर बार तेज आवाज में फोन चलाने पर अपने आप जुर्माना लगेगा।

हालांकि, यात्रियों को रेलवे के नियमों और कर्मचारियों के वैध निर्देशों का पालन करना चाहिए। ट्रेन में सफर करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल इस तरह करना बेहतर है, जिससे दूसरे यात्रियों की नींद, आराम और सुविधा प्रभावित न हो।

रेलवे की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में शिष्टाचार और आपसी सम्मान को बढ़ावा देना है। यात्रियों से अपेक्षा है कि वे ईयरफोन का इस्तेमाल करें, फोन पर धीमी आवाज में बात करें और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखें।

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