Haryana CM News: नायब सिंह सैनी ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड, 46,500 युवाओं को नौकरी देने का दावा
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर 2026। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में 46,500 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और खेलों को बढ़ावा देने से जुड़े कदमों का भी उल्लेख किया।
46,500 युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 17 अक्टूबर को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी सरकार ने पिछले दो वर्षों के दौरान 46,500 युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को योग्यता आधारित बताते हुए कहा कि सरकार का जोर बिना सिफारिश और भ्रष्टाचार के नियुक्तियां करने पर है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में राज्य में करीब दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आयोजित रोजगार मेलों और प्लेसमेंट अभियानों का भी उल्लेख किया।
चुनावी संकल्प-पत्र के 76 वादे पूरे करने की जानकारी
मुख्यमंत्री ने सरकार के दो साल के कार्यकाल का ब्योरा देते हुए बताया कि विधानसभा चुनाव के संकल्प-पत्र में किए गए 217 वादों में से 76 पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 141 पर काम जारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों के जरिए पूरा करना है। इन आंकड़ों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सरकार के रिपोर्ट कार्ड के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण
नायब सिंह सैनी ने पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य के चिन्हित सरकारी पदों पर सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के फैसले का भी उल्लेख किया। इसमें पुलिस कांस्टेबल, वन रक्षक और कुछ अन्य निर्धारित पद शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, पात्र पूर्व अग्निवीरों को कुछ ग्रुप-सी पदों की भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा से छूट देने का प्रावधान भी किया गया है। इस कदम का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को सैन्य सेवा के बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना बताया गया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की सहायता देने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, सरकार ने स्वयं सहायता समूहों और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार मिलता है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में योजनाएं
मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डायलिसिस सेवाओं की उपलब्धता को स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख पहलों में गिनाया। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का उद्देश्य किडनी रोगियों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करना है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने उत्कृष्टता वाले स्कूलों और सरकारी विद्यालयों में तकनीकी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कदमों का भी उल्लेख किया। सरकार का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार उसकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
खेलों को बढ़ावा देने का भी दावा
हरियाणा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार और अन्य सुविधाएं देने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि वितरित की गई है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल नर्सरी स्थापित करने पर काम किया गया है।
हरियाणा लंबे समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की भागीदारी के लिए जाना जाता है। सरकार का कहना है कि खेल सुविधाओं के विस्तार से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
आगे की चुनौतियों पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा पेश किए गए रिपोर्ट कार्ड में रोजगार, महिलाओं की आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और खेलों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई। हालांकि, सरकार के दावों के साथ योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, रोजगार की गुणवत्ता और शेष चुनावी वादों की प्रगति पर भी नजर रहेगी।
हरियाणा सरकार के तीसरे कार्यकाल के अगले चरण में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित संकल्पों को किस समयसीमा में पूरा किया जाता है और इन योजनाओं का प्रदेश के लोगों पर क्या प्रभाव पड़ता है।