मेरठ में गटारू गैंग पर बड़ा एक्शन, यूपी STF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
मेरठ। जम्मू-कश्मीर में रंगदारी, डकैती, जमीन कब्जाने और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के आरोपों से जुड़े गटारू गैंग के खिलाफ उत्तर प्रदेश में बड़ी कार्रवाई की गई है। यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने मेरठ के सोतीगंज इलाके में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 2 नवंबर 2026 की रात करीब 11:05 बजे की गई। गिरफ्तार आरोपियों को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस करेगी।
पुलिस के मुताबिक, गटारू गैंग के कुछ सदस्य मेरठ में छिपकर रह रहे थे। उनकी तलाश में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूपी एसटीएफ से संपर्क किया था। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने आपसी समन्वय से आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया और संयुक्त अभियान चलाया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 22 अक्टूबर को यूपी एसटीएफ को सूचना दी थी कि गटारू गैंग के कुछ सदस्य मेरठ में छिपे हुए हैं। सूचना मिलने के बाद एसटीएफ मेरठ की टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू की।
एसटीएफ ने आरोपियों से जुड़ी जानकारी और संभावित ठिकानों का पता लगाकर इसे सांबा पुलिस के साथ साझा किया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने मेरठ पहुंचकर संयुक्त कार्रवाई की तैयारी की।
पुलिस की संयुक्त टीम ने 2 नवंबर की रात सोतीगंज इलाके में दबिश दी और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम का नेतृत्व डीएसपी अतहर बख्शी कर रहे थे।
गैंग के सदस्यों पर गंभीर अपराधों के आरोप
गटारू गैंग का नाम जम्मू-कश्मीर में रंगदारी वसूली, डकैती, जमीन पर अवैध कब्जे और हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि गैंग के कुछ सदस्य गिरफ्तारी से बचने के लिए मेरठ में ठिकाना बनाकर रह रहे थे।
जांच के दौरान पुलिस को गैंग के सदस्यों के आपसी संबंधों और पुराने विवादों से जुड़ी जानकारियां भी मिलीं। इसी आधार पर आरोपियों की तलाश आगे बढ़ाई गई।
विक्की खौफ गैंग से पुरानी रंजिश का मामला
पुलिस की जांच में वर्ष 2022 की एक पुरानी घटना का भी जिक्र सामने आया है। बताया गया कि उस समय विक्की खौफ गैंग के सदस्यों ने सौरभ के दोस्त बरिंदर पर चाकू से हमला किया था। इस हमले में बरिंदर की बाजू काट दी गई थी।
इस घटना के बाद दोनों गुटों के बीच तनाव और दुश्मनी बनी रही। पुलिस इस पुरानी रंजिश को भी गैंग से जुड़े घटनाक्रम की कड़ी के रूप में देख रही है।
कुरुक्षेत्र जेल में हुई थी मेरठ के मोहसिन से मुलाकात
जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है। बताया गया कि कुरुक्षेत्र जेल में गौरव जंदियाल की मुलाकात मेरठ निवासी मोहसिन से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद गौरव ने मेरठ में सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए संपर्क किया था।
इसी सिलसिले में गैंग के सदस्यों के मेरठ में छिपने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की गतिविधियों और आपसी संपर्कों की जांच की, जिसके बाद संयुक्त टीम ने छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आगे की कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस करेगी
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से की जाएगी। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा सकती है।
इस संयुक्त कार्रवाई को अलग-अलग राज्यों में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ पुलिस के आपसी समन्वय की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। मेरठ में हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का फोकस गैंग के बाकी सदस्यों और उनके ठिकानों का पता लगाने पर रहेगा।