मथुरा में नकली पनीर बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, केमिकल और पामोलिन ऑयल से तैयार हो रहा था पनीर
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने छाता तहसील के शेरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित नारायणगढ़ गांव में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा। जांच के दौरान मौके पर पनीर तैयार करने के लिए कई तरह के केमिकल और संदिग्ध खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ। विभाग की टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में पनीर, दूध, तेल और अन्य सामग्री बरामद की है।
यह कार्रवाई 3 नवंबर को की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री में पहुंचकर उत्पादन की प्रक्रिया की जांच की। अधिकारियों को वहां पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई ऐसी सामग्री मिली, जिनकी मदद से मिलावटी उत्पाद तैयार किया जा रहा था।
केमिकल और पामोलिन ऑयल से बनाया जा रहा था पनीर
जांच के दौरान टीम को पता चला कि कथित फैक्ट्री में स्किम्ड मिल्क पाउडर, रानीपाल नामक व्हाइटनिंग एजेंट, पापड़ी यानी सोडियम हाइड्रोसल्फाइट और पामोलिन ऑयल जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, मौके पर मिली सामग्री का इस्तेमाल पनीर तैयार करने की प्रक्रिया में किया जा रहा था। इस तरह तैयार किए जा रहे उत्पाद की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
छापेमारी में बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से पनीर और दूध के अलावा कई तरह की सामग्री बरामद की। बरामद सामान में शामिल हैं:
- 75 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर
- 60 किलो सोयाबीन दाल
- 225 किलो पामोलिन ऑयल
- 1200 ग्राम पापड़ी (सोडियम हाइड्रोसल्फाइट)
- 500 ग्राम रानीपाल केमिकल
- तैयार पनीर और दूध के नमूने
टीम ने बरामद खाद्य पदार्थों और केमिकल के नमूने जांच के लिए लिए हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता और उनमें मौजूद मिलावट की पुष्टि की जा सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री में पनीर बनाने की प्रक्रिया और वहां रखे कच्चे माल की जांच की। टीम ने संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच के बाद मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी।
मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति रोकना और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।
लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ का मामला
पनीर का इस्तेमाल आमतौर पर घरों, होटलों, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में किया जाता है। ऐसे में यदि मिलावटी पनीर बाजार में पहुंचता है तो बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं।
मथुरा में सामने आया यह मामला खाद्य पदार्थों में मिलावट की गंभीर समस्या को उजागर करता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बरामद सामग्री और तैयार पनीर की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।