मैनपुरी में डेयरी पर छापा, 90 किलो संदिग्ध देसी घी बरामद; जांच के लिए भेजे गए नमूने
मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने आगरा रोड स्थित गोपालदूत डेयरी पर छापेमारी कर करीब 90 किलो संदिग्ध देसी घी बरामद किया। ज्योति तिराहे के पास संचालित इस डेयरी पर हुई कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बरामद घी की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने एकत्रित कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घी में मिलावट होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गोपालदूत डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मिलावटखोरी से जुड़ी शिकायतों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के तहत आगरा रोड स्थित गोपालदूत डेयरी पहुंची। ज्योति तिराहे के निकट स्थित इस डेयरी में टीम ने वहां रखे देसी घी की जांच-पड़ताल की।
जांच के दौरान करीब 90 किलो घी की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होने पर विभागीय अधिकारियों ने उसके नमूने एकत्रित किए। इसके बाद इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी मिलने से खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है।
डेयरी संचालक पर मिलावट के कारोबार में शामिल होने का आरोप
इस मामले में डेयरी संचालक जयप्रकाश पर मिलावट के कारोबार में संलिप्त होने का आरोप है। हालांकि, केवल संदिग्ध घी बरामद होने के आधार पर उसमें मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। घी की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें किसी प्रकार की मिलावट होने या न होने का पता प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नमूने जांच के लिए भेजे जाने के बाद अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य पदार्थों में मिलावट लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दुकानों, डेयरियों और खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच करता है, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
मैनपुरी में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सबकी नजरें प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में घी में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, करीब 90 किलो संदिग्ध देसी घी की बरामदगी के मामले में प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट अहम होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद घी मिलावटी था या नहीं।