CM सुक्खू के लिए बड़ी खुशखबरी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल को 20 साल तक मिलेगी अतिरिक्त बिजली
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाखड़ा-नंगल और ब्यास जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े दशकों पुराने बिजली विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रदेश की जनता की ऐतिहासिक जीत बताया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पंजाब और हरियाणा को अगले 20 वर्षों तक हिमाचल प्रदेश को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली उपलब्ध करानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और राज्य को अपने अधिकारों का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस फैसले से हिमाचल प्रदेश को हर साल लगभग 60 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य को बिजली की कीमतों के आधार पर सालाना लगभग 500 करोड़ से 1,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।
60 साल पुराने बिजली विवाद पर आया फैसला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि भाखड़ा-नंगल और ब्यास जलविद्युत परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
राज्य सरकार लगातार अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थी। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल प्रदेश को अगले 20 वर्षों तक बिजली के रूप में उसका बकाया हिस्सा प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला प्रदेश के करीब 75 लाख लोगों के हित में है। इससे हिमाचल प्रदेश को अपने प्राकृतिक संसाधनों का उचित लाभ मिल सकेगा।
हर साल 1,000 करोड़ रुपये तक बढ़ सकती है आमदनी
मुख्यमंत्री के मुताबिक अतिरिक्त मिलने वाली बिजली से प्रदेश को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। यदि बिजली की कीमत 6 रुपये प्रति यूनिट भी मानी जाए तो राज्य को सालाना कम से कम 500 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है। वहीं, बिजली की कीमत 13 से 14 रुपये प्रति यूनिट होने पर राजस्व में और अधिक वृद्धि हो सकती है।
सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त आमदनी का इस्तेमाल प्रदेश के विकास कार्यों में किया जाएगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं पर खर्च होगी राशि
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अतिरिक्त राजस्व का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, सड़क निर्माण, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सरकारी कर्मचारियों को वित्तीय लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के संसाधनों और आर्थिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
शानन पावर प्रोजेक्ट और वाटर सेस का मामला भी उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केवल बिजली परियोजनाओं में अपने हिस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि शानन पावर प्रोजेक्ट और वाटर सेस से जुड़े मामलों को लेकर भी अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राज्य के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।