यूपी में BJP का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू, शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत पार्टी विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन को निशाने पर ले रही है। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। दोनों नेताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप लगाए। वहीं, जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर उनकी विश्वसनीयता को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
विपक्ष पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की आड़ में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी मैदान में हराने में असफल रहने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर भी सवाल उठाए। शिवराज सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में दो जगह दर्ज नामों, मृत व्यक्तियों और अन्य अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर विपक्ष की ओर से अलग रुख रखा गया है।
राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर साधा निशाना
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर देश को बांटने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने संबोधन में 1905 के बंगाल विभाजन और 1947 के विभाजन का उल्लेख करते हुए मौजूदा विपक्षी राजनीति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया गया था।
अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी शिवराज सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान और नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
जेपी नड्डा ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का उठाया मुद्दा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाओं पर सवाल उठाता है।
नड्डा ने राहुल गांधी की तुलना ऐसे स्कूली बच्चों से की, जो परीक्षा में असफल होने पर अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय शिक्षक को दोष देते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस के इतिहास पर भी हमला बोला और कहा कि उस दौर में बड़ी संख्या में लोगों को जेल में डाला गया था।
लखनऊ में लोकभवन से परिवर्तन चौक तक निकली पदयात्रा
BJP के अभियान के तहत लखनऊ में लोकभवन से परिवर्तन चौक तक पदयात्रा निकाली गई। यात्रा जीपीओ चौराहे और हजरतगंज से होते हुए परिवर्तन चौक पहुंची। इसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
पार्टी कार्यकर्ता हाथों में भाजपा के झंडे और लोकतंत्र बचाओ अभियान से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अभियान के समर्थन में भागीदारी की
उत्तर प्रदेश के छह क्षेत्रों में होंगी पदयात्राएं
BJP ने इस अभियान को केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी ने प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित करने की योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार:
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3 नवंबर: लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में और बरेली में जेपी नड्डा की मौजूदगी में पदयात्रा।
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4 नवंबर: गोरखपुर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कानपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अगुवाई में कार्यक्रम।
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5 नवंबर: गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा।
पार्टी ने प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए संगठन को सक्रिय करने और विपक्ष के आरोपों के जवाब में अपनी बात जनता तक पहुंचाने की योजना है
2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP का यह अभियान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इन आरोपों का जवाब देने के लिए पदयात्राओं और जनसभाओं के जरिए जनता के बीच पहुंच रही है।
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के माध्यम से भाजपा ने विपक्ष के आरोपों के जवाब में अपना पक्ष रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की रणनीति अपनाई है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाली पदयात्राओं के जरिए यह राजनीतिक बहस और आगे बढ़ने की संभावना है।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लोकतंत्र, चुनाव आयोग, SIR और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। BJP का नया अभियान इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है।