फतेहपुर में मंत्री कृष्णा पासवान की बहन से मारपीट, हवाई फायरिंग का आरोप; 96 बीघा जमीन विवाद में बवाल
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में योगी सरकार की राज्यमंत्री कृष्णा पासवान की बड़ी बहन रामा देवी पासवान के साथ मारपीट और हवाई फायरिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना मलवां थाना क्षेत्र के समशाही सुल्तानपुर गांव की है। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि रामा देवी पासवान गांव की पूर्व प्रधान रह चुकी हैं। उनके साथ मारपीट की घटना के पीछे 96 बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद बताया जा रहा है। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
96 बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। मामला करीब 96 बीघा जमीन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार, घटना की जांच में जमीन विवाद की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है।
बीच-बचाव करने पहुंचीं थीं रामा देवी, आरोपियों ने किया हमला
जानकारी के मुताबिक, गांव में शिवसागर निषाद के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान रामा देवी पासवान दवा लेकर घर लौट रही थीं। जब उन्होंने रास्ते में शिवसागर को पिटते देखा तो बीच-बचाव करने पहुंच गईं।
रामा देवी का आरोप है कि उन्होंने मारपीट का विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान उनके साथ अभद्रता किए जाने का भी आरोप है।
बताया जा रहा है कि शोर सुनकर शिवसागर के छोटे भाई की गर्भवती पत्नी रेशमा भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने भी बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस घटना में परिवार के अन्य लोगों के घायल होने की बात भी सामने आई है।
हवाई फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में ट्रैक्टर के आगे कुछ युवक बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में फायरिंग जैसी आवाज सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने राइफल और तमंचे से हवाई फायरिंग की, जिससे गांव में दहशत फैल गई। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता और उसमें फायरिंग होने की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है।
96 बीघा जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पुराना विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे गंगा किनारे स्थित करीब 96 बीघा जमीन का विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच इस जमीन पर लंबे समय से कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक, विवादित जमीन के दस्तावेज दूसरे पक्ष के नाम दर्ज बताए जा रहे हैं, जबकि जमीन पर रामा देवी पासवान का कब्जा बताया गया है। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।
दूसरी ओर, विपक्षी पक्ष ने रामा देवी पर कृषि भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जमीन को लेकर पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इस तरह मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट की पुष्टि नहीं
घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी पक्ष को गंभीर चोट आने की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, शिवसागर निषाद की ओर से थाने में शिकायत दी गई है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कुछ रिपोर्टों में गर्भवती महिला के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
एसपी ने सीओ सिटी को सौंपी जांच
फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने घटना का संज्ञान लेते हुए सीओ सिटी गौरव शर्मा को जांच के लिए गांव भेजा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, जांच के बाद होगी कार्रवाई
राज्यमंत्री कृष्णा पासवान की बड़ी बहन के साथ हुई इस घटना ने फतेहपुर में कानून-व्यवस्था और जमीन विवाद को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर रामा देवी पासवान और उनके परिवार ने मारपीट व फायरिंग के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरे पक्ष ने जमीन पर कब्जे को लेकर अपना पक्ष रखा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट, शिकायत और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस मामले में सबसे अहम सवाल 96 बीघा जमीन के मालिकाना हक और कथित हवाई फायरिंग को लेकर है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।