लखनऊ के डॉक्टर रमीज पर गंभीर आरोप: चिकन के खून से लिखता था प्रेम पत्र, युवती ने शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव की बताई कहानी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में KGMU से जुड़े डॉक्टर रमीज का मामला लगातार चर्चा में है। एक युवती ने डॉक्टर रमीज और उसके परिवार के सदस्यों पर शारीरिक शोषण, शादी का झांसा देने, निजी वीडियो बनाने, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में एक चौंकाने वाला दावा यह भी सामने आया है कि आरोपी लड़कियों को प्रभावित करने के लिए चिकन के खून से प्रेम पत्र लिखता था।
पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि आरोपी ने शुरुआत में प्रेम और शादी का भरोसा देकर उसका विश्वास जीता, लेकिन बाद में उसके साथ कथित तौर पर प्रताड़ना और शोषण का सिलसिला शुरू हो गया। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, निजी वीडियो और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
चिकन के खून से लिखता था प्रेम पत्र
इस मामले में सबसे हैरान करने वाला आरोप आरोपी के प्रेम पत्र लिखने के तरीके को लेकर है। बताया गया है कि रमीज युवतियों को प्रभावित करने के लिए चिकन के खून का इस्तेमाल करके प्रेम पत्र लिखता था। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने इसी तरह उसे भी अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी का भरोसा दिया।
निजी वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसके निजी वीडियो बनाता था और बाद में उन्हें दिखाकर दबाव बनाता था। पुलिस पूछताछ में भी आरोपी द्वारा युवतियों के निजी वीडियो बनाए जाने और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी संबंध बनाने के बाद कंडोम और शराब की बोतल जैसी चीजें उसके बैग में रख देता था। जब उसके पिता को इस बारे में जानकारी हुई तो परिवार में विवाद शुरू हो गया।
गर्भवती होने पर शादी से इनकार, गर्भपात कराने का दबाव
पीड़िता के बयान के अनुसार, वर्ष 2016 में वह गर्भवती हो गई थी। जब उसने रमीज से शादी करने की बात कही तो आरोपी ने कथित तौर पर शादी से इनकार कर दिया और गर्भपात कराने का दबाव बनाया।
पीड़िता का आरोप है कि उसे आगरा के खंदारी क्षेत्र स्थित एक क्लीनिक ले जाया गया, जहां जांच के बाद गर्भपात की दवाइयां दी गईं। दवा खाने के तीसरे दिन उसे तेज दर्द हुआ और कमरे में ही गर्भपात हो गया।
शादी के रिश्ते तुड़वाने का भी आरोप
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2017 से 2019 के बीच उसने रमीज से दूरी बना ली थी। इस दौरान उसके पिता ने उसकी शादी के लिए रिश्ते तलाशने शुरू किए। आरोप है कि रमीज ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो संभावित मंगेतरों तक पहुंचाने शुरू कर दिए, जिससे कई रिश्ते टूट गए।
पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी ने पांच से सात शादी के रिश्ते तुड़वा दिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवतियों के निजी वीडियो अपने मोबाइल में रखता था और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करता था।
2023 में लखनऊ आई पीड़िता, साथ रहने के बाद बढ़ी प्रताड़ना
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2023 में रमीज के कहने पर वह लखनऊ आ गई। अक्टूबर 2023 में आरोपी के माता-पिता ने दोनों को एक ही फ्लैट में रहने की सलाह दी। इसके बाद वह रमीज के साथ रहने लगी।
उसका आरोप है कि लखनऊ में भी उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए गए। जब उसने आरोपी के माता-पिता से इसकी शिकायत की तो उन्होंने उसका साथ देने के बजाय उसे सब कुछ सहने की सलाह दी।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी के माता-पिता उससे घर का काम कराते थे। उसे खाना बनाने, सफाई करने और यहां तक कि टॉयलेट साफ करने के लिए भी कहा जाता था। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी।
दूसरी युवतियों से संबंधों का विरोध करने पर मारपीट
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2024 में उसे जानकारी मिली कि रमीज के KGMU में पढ़ने वाली अन्य युवतियों से भी संबंध हैं। जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
उसने आरोप लगाया कि उसे जमीन पर गिराकर घसीटा गया और दीवार में सिर मार दिया गया, जिससे वह बेहोश हो गई। पीड़िता ने इस घटना को लेकर भी गंभीर शिकायत की है।
धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता ने अपने बयान में धर्म परिवर्तन के दबाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके मुताबिक, वर्ष 2024 में होली से करीब एक सप्ताह पहले रमीज के माता-पिता ने उससे कहा कि हिंदू-मुस्लिम शादी नहीं हो सकती। यदि वह मुस्लिम धर्म अपना लेगी, तभी उसे परिवार में स्वीकार किया जाएगा।
आरोप है कि जनवरी 2025 में भी उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो उसके माता-पिता को दिखाए गए तथा बदनामी का डर दिखाकर निकाह के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई।
पीड़िता ने रमीज के माता-पिता खतीजा और सलीमुद्दीन पर फोन करके धमकाने के आरोप भी लगाए हैं।
कमरे में काजी बुलाकर तीन बार कबूल है कहलवाने का दावा
पीड़िता के बयान में निकाह से जुड़ी एक कथित घटना का भी जिक्र है। उसके मुताबिक, उसे अपने माता-पिता के साथ निकाह के लिए ले जाया गया था। वहां एक कमरे में काजी मौजूद था।
आरोप है कि उसे और उसके पिता को एक छोटे कमरे में बंद कर दिया गया। इसके बाद काजी ने कुछ पढ़वाया और उससे तीन बार ‘कबूल है’ कहलवाया। पीड़िता का दावा है कि निकाहनामा पहले से तैयार था और उस पर उससे तथा उसके पिता से हस्ताक्षर कराए गए।
पीड़िता के अनुसार, उसके पिता पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाना चाहते थे, लेकिन उनका मोबाइल फोन ले लिया गया और उन्हें रिकॉर्डिंग नहीं करने दी गई। बाद में उसने रमीज के मोबाइल से निकाहनामे की तस्वीर खींच ली थी।
निकाह के बाद उस पर मुस्लिम पहचान अपनाने और बाहर निकलते समय बुर्का पहनने का दबाव बनाने का भी आरोप है। पीड़िता ने यह भी दावा किया कि उस पर खानपान और नौकरी से जुड़ी पाबंदियां लगाने की कोशिश की गई।
पुलिस जांच में सामने आए गंभीर पहलू
इस पूरे मामले में पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, निजी वीडियो, पीड़िता के बयान और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों पर लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या आरोपी ने प्रेम संबंधों का इस्तेमाल कर युवतियों को अपने प्रभाव में लिया और बाद में निजी वीडियो के जरिए उन पर दबाव बनाया। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया में इन सभी पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।