तमिलनाडु की मंत्री जगदीश्वरी के बयान से मचा बवाल, बोलीं- छात्रों के सिर मुंडवा देने चाहिए
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार की एक महिला मंत्री के बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के हेयरस्टाइल पर आपत्ति जताते हुए मंत्री जगदीश्वरी ने ऐसा बयान दिया, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने छात्रों के बालों के बदलते स्टाइल पर नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ने पर बच्चों के सिर मुंडवा देने चाहिए। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है।
छात्रों के हेयरस्टाइल पर मंत्री ने जताई नाराजगी
दरअसल, एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंत्री जगदीश्वरी ने स्कूली बच्चों के हेयरस्टाइल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आजकल छात्रों के बालों के स्टाइल देखकर उन्हें काफी बुरा लगता है। मंत्री ने बच्चों को अनुशासन और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह देते हुए उनके हेयरस्टाइल पर सवाल उठाए।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वह बच्चों को अपने बच्चे समझकर यह बात कह रही हैं। उनके मुताबिक, स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए, न कि फैशन और अलग-अलग हेयरस्टाइल पर।
‘खुद के बच्चे समझकर कह रही हूं’
मंत्री जगदीश्वरी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के बालों का मौजूदा स्टाइल उन्हें पसंद नहीं है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह यह बात बच्चों को अपना समझकर कह रही हैं।
उन्होंने छात्रों के सिर मुंडवाने तक की बात कही। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद उनके बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे बच्चों की व्यक्तिगत पसंद और अभिव्यक्ति से जोड़कर देखा, जबकि कुछ लोगों ने स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कई बड़े अधिकारी और मंत्री मौजूद
जिस कार्यक्रम में मंत्री जगदीश्वरी ने यह बयान दिया, उसमें मंत्री वन्नियारासु और विरुधुनगर की जिला कलेक्टर सरन्या अरी भी मौजूद थीं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विद्यार्थियों के अनुशासन, व्यवहार और शिक्षा से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी।
हालांकि, उनके हेयरस्टाइल संबंधी बयान ने कार्यक्रम के अन्य मुद्दों की तुलना में ज्यादा चर्चा बटोरी।
दूसरे मंत्रियों ने किया जगदीश्वरी का बचाव
मंत्री जगदीश्वरी के बयान पर विवाद बढ़ने के बाद तमिलनाडु सरकार के अन्य मंत्रियों ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि मंत्री की बात को गलत तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, जगदीश्वरी का उद्देश्य छात्रों को अनुशासन और पढ़ाई के प्रति जागरूक करना था।
दूसरे मंत्रियों ने छात्रों के सिर मुंडवाने संबंधी टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री बच्चों के हित और उनके बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर अपनी बात रख रही थीं।
शिक्षा और बच्चों की पसंद को लेकर छिड़ी बहस
मंत्री के इस बयान के बाद स्कूलों में अनुशासन और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत पसंद को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ स्कूलों में नियमों और अनुशासन को जरूरी माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ बच्चों के पहनावे और हेयरस्टाइल को लेकर उनकी पसंद का सम्मान करने की बात भी उठ रही है।
फिलहाल मंत्री जगदीश्वरी का बयान तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए।