सादगी, विनम्रता और कर्मठता की मिसाल हैं सोहन सिंह रांगड़: अनुराग तिवारी
जोशीमठ। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगड़ के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और कर्मठता की सराहना की गई है। ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन के उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं श्रीराम सेवा संस्थान ट्रस्ट के सचिव अनुराग तिवारी ने बदरीनाथ-केदारनाथ धार्मिक यात्रा के दौरान मिले आत्मीय व्यवहार और सहयोग के लिए सोहन सिंह रांगड़ के प्रति आभार व्यक्त किया।
अनुराग तिवारी ने कहा कि सोहन सिंह रांगड़ की सादगी और विनम्रता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है। उनका सहज व्यवहार और लोगों के प्रति आत्मीयता उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व की वास्तविक सुंदरता उसके पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, विचारों और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना से सामने आती है।
विनम्रता व्यक्तित्व का सबसे बड़ा आभूषण
अनुराग तिवारी ने कहा कि सोहन सिंह रांगड़ का कोमल हृदय और विनम्र स्वभाव उनकी सबसे बड़ी ताकत है। विनम्रता मनुष्य के व्यक्तित्व का ऐसा आभूषण है, जो लोगों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ समाज में सम्मान भी दिलाता है।
उन्होंने कहा कि जब कोई अधिकारी अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए आम लोगों के साथ सहज और आत्मीय व्यवहार करता है, तो इससे लोगों के मन में उसके प्रति विश्वास और सम्मान बढ़ता है। सोहन सिंह रांगड़ के व्यवहार में यही विशेषता दिखाई देती है।
धार्मिक यात्रा के दौरान मिला आत्मीय सहयोग
बदरीनाथ-केदारनाथ की धार्मिक यात्रा के दौरान सोहन सिंह रांगड़ से मिले सहयोग और आत्मीय व्यवहार का उल्लेख करते हुए अनुराग तिवारी ने उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं को सहयोग और मार्गदर्शन मिलना उनके अनुभव को और बेहतर बनाता है।
उन्होंने कहा कि सोहन सिंह रांगड़ का सहज व्यवहार और सहयोग की भावना उनके व्यक्तित्व को विशेष बनाती है। उनके अनुसार, अधिकारियों का संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया आम लोगों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अच्छे व्यवहार से बनती है समाज में पहचान
अनुराग तिवारी ने कहा कि सादगी, विनम्रता और कर्मठता ऐसे गुण हैं, जो किसी भी व्यक्ति को समाज में विशिष्ट पहचान दिलाते हैं। पद और जिम्मेदारी के साथ यदि विनम्रता भी जुड़ी हो, तो उसका प्रभाव लोगों के मन पर लंबे समय तक बना रहता है।
उन्होंने कहा कि सोहन सिंह रांगड़ का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि सहजता और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना से लोगों के साथ आत्मीय संबंध बनाए जा सकते हैं।
अंत में अनुराग तिवारी ने धार्मिक यात्रा के दौरान मिले सहयोग और सम्मान के लिए सोहन सिंह रांगड़ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उनके विनम्र स्वभाव और कर्मठता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे गुण समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।