चंडीगढ़ की टूटी सड़कें चमकीं, अमित शाह के दौरे से पहले जागे अफसर; लोग बोले- बाकी सड़कें भी देख लो
Chandigarh News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 1 नवंबर को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे से पहले शहर के सेक्टर-26 में सड़कों की तस्वीर बदल गई है। पुलिस लाइन के आसपास लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़कों की रीकारपेटिंग कर दी गई है और आसपास के क्षेत्र को भी व्यवस्थित किया गया है। सड़कें दुरुस्त होने से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इसी सेक्टर की दूसरी सड़कों की खराब हालत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वीवीआईपी दौरे से पहले सड़कें बन सकती हैं, तो आम दिनों में बाकी सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं होती?
अमित शाह के दौरे से पहले चमकीं सेक्टर-26 की सड़कें
चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन के आसपास की सड़कों की मरम्मत कराई गई है। लंबे समय से खराब हालत में पड़ी इन सड़कों पर रीकारपेटिंग का काम पूरा किया गया है।
सड़कें सुधरने और आसपास की सफाई व्यवस्था बेहतर होने से क्षेत्र की तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। स्थानीय लोगों को इससे राहत मिली है, लेकिन अचानक हुई इस कार्रवाई ने एक पुराना सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए किसी वीवीआईपी दौरे का इंतजार क्यों किया जाता है?
लोगों का कहना है कि सड़कें आम नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरत हैं। उनकी मरम्मत नियमित रूप से होनी चाहिए, न कि केवल किसी बड़े अधिकारी या नेता के दौरे से पहले।
एक ही सेक्टर में कुछ सड़कें चमकीं, कुछ अब भी बदहाल
सेक्टर-26 में पुलिस लाइन के आसपास सड़कों की मरम्मत तो कर दी गई है, लेकिन दूसरी ओर कुछ मार्ग अब भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
क्लबों के पीछे से गुजरने वाली सड़क और मध्य मार्ग से मंडी के राउंडअबाउट के रास्ते अंदर आने वाली सड़क की हालत अब भी खराब बताई जा रही है। इन सड़कों पर लंबे समय से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब एक ही सेक्टर में कुछ सड़कों को प्राथमिकता देकर ठीक किया जा सकता है, तो बाकी मार्गों की अनदेखी क्यों की जा रही है?
लोग चाहते हैं कि प्रशासन सेक्टर के सभी हिस्सों की स्थिति का आकलन करे और जिन सड़कों की हालत खराब है, उनकी मरम्मत भी जल्द कराई जाए।
क्या वीवीआईपी दौरे से ही बदलती है सड़कों की तस्वीर?
चंडीगढ़ की टूटी सड़कों को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी का मुख्य कारण मरम्मत के काम में दिखाई देने वाला अंतर है। उनका कहना है कि वीवीआईपी दौरे से पहले संबंधित मार्गों पर काम तेजी से होता दिखाई देता है, जबकि सामान्य दिनों में बदहाल सड़कों की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है।
पुलिस लाइन के आसपास की सड़कों की बदली तस्वीर देखकर लोग पूछ रहे हैं कि क्या शहर की सड़कों को ठीक करने के लिए किसी बड़े दौरे की जरूरत है?
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, अगर प्रशासन इसी तरह नियमित रूप से सड़कों का निरीक्षण करे और मरम्मत के काम को प्राथमिकता दे, तो लोगों को लंबे समय तक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अपने इलाके में गृह मंत्री को बुलाने की बात कह रहे लोग
सेक्टर-26 में सड़क मरम्मत को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तंज भी सुनने को मिल रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर अमित शाह उनके इलाके में भी आ जाएं, तो शायद वहां की सड़कें भी बन जाएं।
यह टिप्पणी केवल सड़क की खराब हालत को लेकर नाराजगी नहीं दर्शाती, बल्कि नागरिक सुविधाओं के मामले में समान व्यवहार की मांग भी सामने लाती है।
लोगों का कहना है कि सड़कें किसी खास मार्ग या वीवीआईपी के आवागमन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होतीं। शहर के हर क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को बेहतर सड़कें और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए।
पार्षद तरुणा मेहता ने क्या कहा?
सेक्टर-26 में सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर स्थानीय पार्षद तरुणा मेहता ने भी स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके सेक्टर में सड़क का काम बंद पड़ा है।
उनकी इस टिप्पणी के बाद क्षेत्र में सड़क मरम्मत के काम को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि संबंधित विभाग बंद पड़े काम की स्थिति स्पष्ट करे और सड़क निर्माण को जल्द पूरा कराया जाए।
हालांकि, काम बंद होने के कारण और इसे दोबारा शुरू करने की समयसीमा को लेकर संबंधित विभाग की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
नगर निगम और संबंधित विभाग से लोगों की मांग
स्थानीय निवासियों की मांग है कि नगर निगम और संबंधित विभाग केवल वीवीआईपी दौरे के मार्गों तक सीमित न रहें। सेक्टर-26 की उन सड़कों पर भी ध्यान दिया जाए, जो लंबे समय से खराब हालत में हैं।
लोगों के मुताबिक, सड़कों की मरम्मत के लिए नियमित निरीक्षण, समयबद्ध कार्ययोजना और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है। इससे न केवल आवाजाही आसान होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और वाहनों को होने वाले नुकसान की आशंका भी कम हो सकती है।
शहर में सड़क निर्माण और रीकारपेटिंग के काम की प्राथमिकता तय करते समय स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। जिन क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से खराब हैं, वहां मरम्मत के काम को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
वीवीआईपी दौरे के बाद भी जारी रहनी चाहिए विकास की रफ्तार
अमित शाह के प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे से पहले सेक्टर-26 में सड़कों की मरम्मत से लोगों को राहत मिली है। लेकिन इस कार्रवाई ने शहर के दूसरे हिस्सों में बदहाल सड़कों की समस्या पर भी ध्यान खींचा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़कों की मरम्मत केवल किसी खास आयोजन या दौरे की तैयारी तक सीमित न रहे। शहर के हर सेक्टर में बुनियादी सुविधाओं का स्तर बेहतर होना चाहिए।
निष्कर्ष: चंडीगढ़ में सेक्टर-26 की सड़कों की मरम्मत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम नागरिकों की समस्याओं पर कार्रवाई के लिए वीवीआईपी दौरे का इंतजार क्यों करना पड़ता है। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस लाइन के आसपास की तरह क्लबों के पीछे और मंडी के राउंडअबाउट से अंदर आने वाली बदहाल सड़कों को भी जल्द दुरुस्त किया जाए।