गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुई मतगणना, 16 प्रत्याशी मैदान में
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय भवन में हुई। इस सीट पर कुल 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर हर राउंड के आंकड़ों पर बनी रही।
प्रशासन ने मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई थीं। सबसे पहले मतपेटियां खोली गईं और मतपत्रों की गिनती की प्रक्रिया शुरू हुई। मतपत्रों की संख्या का निर्धारित रिकॉर्ड से मिलान करने के बाद मतों की गणना की गई। शिक्षक एमएलसी चुनाव में मतपत्रों के जरिए मतदान होने के कारण वरीयता के आधार पर मतों की गिनती की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
पहली वरीयता के मतों में ध्रुव त्रिपाठी को बढ़त
पहली वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी 11,881 वोटों के साथ पहले स्थान पर रहे। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को 11,415 वोट मिले। दोनों के बीच 466 वोटों का अंतर रहा।
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी को 8,301 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। अन्य प्रत्याशियों में अजीत कुमार सिंह को 4,406 और अजय सिंह को 2,503 वोट मिले।
पहली वरीयता के मतों में भाजपा प्रत्याशी की बढ़त के बावजूद मुकाबला चर्चा में बना रहा। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के वोट भी काफी करीब रहे, जिसके चलते मतगणना के दौरान राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।
सपा प्रत्याशी ने मतगणना पर लगाए गंभीर आरोप
मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती तीन राउंड तक मतगणना सामान्य तरीके से चल रही थी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव आगे थे। उनके मुताबिक, इसके बाद मतों का रुझान अचानक बदल गया और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में अधिक वोट निकलने लगे।
संजयन त्रिपाठी ने इसी आधार पर मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई और प्रक्रिया का बहिष्कार करने की बात कही। उन्होंने पुलिस पर दुर्व्यवहार करने तथा सत्ताधारी दल के प्रत्याशी को फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, ये आरोप सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। चुनाव प्रक्रिया में किसी गड़बड़ी की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।
निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने भी जताई आपत्ति
मतगणना के अंतिम चरण को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने भी सवाल उठाए। रिपोर्टों के मुताबिक, पहली वरीयता के मतों की गणना में भाजपा प्रत्याशी की बढ़त सामने आने के बाद विपक्षी प्रत्याशियों ने प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
तीसरे राउंड तक राजीव यादव भाजपा प्रत्याशी से आगे बताए जा रहे थे, लेकिन अंतिम चरण में आंकड़े बदल गए। इसके बाद मतगणना की निष्पक्षता को लेकर विवाद शुरू हुआ। सपा प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार की आपत्तियों के बीच प्रशासन की ओर से नियमानुसार मतगणना कराने की बात कही गई।
40,811 मत वैध और 2,800 अवैध
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मतगणना में कुल 43,611 मतों का विवरण सामने आया। इनमें 40,811 मत वैध घोषित किए गए, जबकि 2,800 मत अवैध पाए गए।
शिक्षक एमएलसी चुनाव में मतपत्रों की जांच और वरीयता के आधार पर गणना महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में वैध और अवैध मतों की संख्या भी परिणाम को समझने के लिए अहम रही।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 17 जिले शामिल हैं। इस कारण चुनाव का राजनीतिक महत्व काफी अधिक माना जा रहा था। मतगणना के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे और पास के आधार पर ही मतगणना स्थल में प्रवेश की अनुमति दी गई।
अब चुनावी विवाद और आरोपों पर नजर
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच पहली वरीयता के मतों में 466 वोटों का अंतर रहा। वहीं, सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी तीसरे स्थान पर रहे।
मतगणना के दौरान लगे आरोपों ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया। अब इस मामले में मतगणना की प्रक्रिया, प्रत्याशियों की आपत्तियों और आधिकारिक नतीजों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में पहली वरीयता के मतों की गिनती में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी ने निर्दलीय राजीव यादव पर बढ़त बनाई। हालांकि, मतगणना को लेकर सपा और निर्दलीय प्रत्याशी की ओर से सवाल उठाए गए। चुनाव की निष्पक्षता से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित अधिकारियों की पुष्टि और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।