दिल्ली के गोकलपुरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 34 किलो विस्फोटक पाउडर बरामद
दिवाली और त्योहारों के मौसम के बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में पुलिस ने अवैध पटाखे बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान 34 किलो विस्फोटक पाउडर, बड़ी संख्या में तैयार पटाखे और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया।
पुलिस के मुताबिक, रिहायशी इलाके में अवैध तरीके से पटाखे बनाने और उनका भंडारण करने का काम किया जा रहा था। इस गतिविधि से आसपास रहने वाले लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता था। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
रिहायशी इलाके में चल रही थी अवैध फैक्ट्री
पुलिस को गोकलपुरी इलाके में अवैध रूप से पटाखे बनाने और उन्हें जमा करने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की।
जांच के दौरान पता चला कि रिहायशी इलाके में पटाखे बनाने और उनके भंडारण का काम किया जा रहा था। विस्फोटक सामग्री की मौजूदगी के कारण आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था।
पुलिस ने मौके से विस्फोटक पाउडर और तैयार पटाखों समेत बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पटाखे किस स्तर पर बनाए जा रहे थे और उनकी आपूर्ति कहां की जानी थी।
34 किलो विस्फोटक पाउडर समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से 34 किलो विस्फोटक पाउडर मिला। इसके अलावा पांच डिब्बों में रखे 880 तैयार कोल्ड पटाखे भी बरामद किए गए।
पुलिस ने पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की है। अधिकारियों के अनुसार, रिहायशी इलाके में इस तरह विस्फोटक सामग्री रखना बेहद खतरनाक हो सकता है। किसी दुर्घटना या आग लगने की स्थिति में आसपास के घरों और लोगों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामग्री कहां से लाई गई थी और तैयार पटाखों को किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
गाजियाबाद के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान मोहम्मद गोस्वामी (29), अरमान (24) और समीर (21) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अवैध पटाखा फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी और इस काम में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
इसके साथ ही पुलिस पटाखों की खरीद-बिक्री, कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल के वितरण से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
आसपास के लोगों की सुरक्षा पर था खतरा
रिहायशी इलाके में विस्फोटक पाउडर और पटाखों का अवैध भंडारण आसपास रहने वाले लोगों के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है। पटाखे बनाने की प्रक्रिया में आग लगने या विस्फोट होने की आशंका रहती है। ऐसे में घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह की गतिविधि से जान-माल का नुकसान हो सकता था।
पुलिस ने अवैध रूप से पटाखे बनाने और जमा करने के मामले में कार्रवाई करते हुए सामग्री जब्त की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की जांच जारी
गोकलपुरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों के पास पटाखे बनाने और विस्फोटक सामग्री रखने की अनुमति थी या नहीं। साथ ही, बरामद पटाखों को बेचने की तैयारी और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल, इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद अवैध पटाखा फैक्ट्री से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।