📅 Loading Date & Time...
होम > राष्ट्रीय > न्यूज़

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद, अब रामलीला मैदान समेत 3 जगहों पर अनुमति

By aonenewstv | Published: Oct 12, 2026 09:34 AM

जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने तय किए 3 नए स्थल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। गृह मंत्रालय के फैसले के बाद अब धरना-प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड को निर्धारित किया गया है। इन स्थानों पर प्रदर्शन करने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

जंतर-मंतर संसद मार्ग पर स्थित है और लंबे समय से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारी समूहों तथा विभिन्न आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। संसद भवन और केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण संस्थानों के नजदीक होने के कारण यह स्थान प्रदर्शनकारियों के लिए खास महत्व रखता था।

गृह मंत्रालय के फैसले के बाद बदली व्यवस्था

गृह मंत्रालय ने नागरिकों को अपनी मांगें उठाने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक कमेटी गठित की थी। इसके बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला लिया गया। दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल 2022 को जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीन निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी। इसके जरिए अनुमति लेने की प्रक्रिया और आयोजन से जुड़े नियम स्पष्ट किए जाएंगे।

अब इन तीन जगहों पर होंगे प्रदर्शन

रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली में स्थित रामलीला मैदान बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के लिए जाना जाता है। यहां पहले भी कई बड़े धरने और रैलियां आयोजित की जा चुकी हैं।

बुराड़ी मैदान: उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में स्थित इस मैदान में भी पहले कई प्रदर्शन आयोजित हुए हैं। जंतर-मंतर से इसकी दूरी लगभग 20 किलोमीटर बताई जाती है।

CBD ग्राउंड: पूर्वी दिल्ली के क्षेत्र में स्थित CBD ग्राउंड को भी प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। जंतर-मंतर से इसकी दूरी लगभग 11 से 12 किलोमीटर बताई जाती है।

जंतर-मंतर रहा है ऐतिहासिक आंदोलनों का केंद्र

जंतर-मंतर पर कई बड़े आंदोलनों ने देशभर का ध्यान खींचा है। वर्ष 2023 में भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर पहलवानों ने यहां लंबा धरना दिया था। पहलवानों ने अपनी मांगों को लेकर कई दिनों तक प्रदर्शन किया था।

इसके अलावा राजनीतिक, सामाजिक और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी यहां लगातार विरोध-प्रदर्शन होते रहे हैं। जंतर-मंतर की केंद्रीय स्थिति के कारण प्रदर्शनकारियों के लिए यह लंबे समय तक अपनी आवाज उठाने का प्रमुख मंच बना रहा।

NDTA ने फैसले का किया स्वागत

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने जंतर-मंतर से धरना-प्रदर्शनों को हटाकर दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित करने के फैसले का स्वागत किया है। व्यापारी संगठनों के लिए राजधानी में यातायात और सामान्य जनजीवन को व्यवस्थित बनाए रखना एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है।

दूसरी ओर, प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों के लिए अब नए निर्धारित स्थलों पर पहुंचने, अनुमति लेने और कार्यक्रमों की योजना बनाने की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

अनुमति और नए नियमों पर रहेगी नजर

दिल्ली पुलिस की ओर से जारी की जाने वाली SOP से यह स्पष्ट होगा कि रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड पर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए किन नियमों का पालन करना होगा। फिलहाल निर्धारित स्थलों पर कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा।

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला राजधानी में विरोध-प्रदर्शन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था के तहत प्रदर्शनकारियों को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने की सुविधा किस तरह उपलब्ध कराई जाती है।

Scroll to Top