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योगी आदित्यनाथ महिला सुरक्षा पर बोले, मिशन शक्ति से बदली यूपी की तस्वीर

By aonenewstv | Published: Oct 12, 2026 09:15 AM

सीएम योगी का दावा: मिशन शक्ति से मजबूत हुई महिला सुरक्षा, यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या 44 हजार के पार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करते हुए तप, त्याग और संकल्प के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति और सेफ सिटी परियोजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की स्थिति की तुलना की। उन्होंने महिला सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और महिलाओं की भागीदारी को लेकर अपनी सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उनके मुताबिक, प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या पहले लगभग 10 हजार थी, जो बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर दिया संकल्प का संदेश

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, धैर्य और दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना के अवसर पर इन गुणों के महत्व को बताया।

नवरात्रि के दौरान शक्ति की आराधना के साथ महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का विषय भी प्रमुखता से सामने आता है। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

2017 से पहले और बाद के यूपी की तुलना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।

उन्होंने महिला सुरक्षा को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए पुलिस व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और सुरक्षा संबंधी योजनाओं को प्रभावी बनाने की बात कही। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में अधिक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

मिशन शक्ति और सेफ सिटी परियोजना से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दावा

मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए मिशन शक्ति, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग को अहम बताया। उनके अनुसार, इन पहलों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, शिकायतों के निस्तारण और पुलिस तक उनकी पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया गया है।

मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। वहीं, सेफ सिटी परियोजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बेहतर निगरानी और सहायता व्यवस्था विकसित करना है।

सरकार की ओर से इन योजनाओं को महिला सुरक्षा के व्यापक तंत्र का हिस्सा बताया गया है। इनके जरिए महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 10 हजार से बढ़कर 44 हजार के पार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या पहले लगभग 10 हजार थी, जो बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उन्हें रोजगार के अवसर मिलने के साथ सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर भी मिला है।

महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती से महिलाओं से जुड़े मामलों में संवाद और शिकायतों के निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद की जाती है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के प्रभाव का आकलन करने के लिए अपराध के आंकड़ों, शिकायतों के निस्तारण और पुलिस की कार्यप्रणाली जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।

तीन महिला पीएसी बटालियनों का गठन

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में तीन महिला प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) बटालियनों के गठन का भी उल्लेख किया। इन बटालियनों के नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर रखे गए हैं। ये बटालियन लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं से जुड़ी हैं।

इनका उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी बढ़ाने और पुलिस व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना है। महिला पीएसी बटालियनों का गठन पुलिस बल में महिलाओं के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उठाए गए कदमों में शामिल है।

‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भी काम कर रही है। उनके मुताबिक, महिला सुरक्षा से सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास ‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य से जुड़े हैं।

महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना इस लक्ष्य के प्रमुख पहलू हैं। नवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शक्ति की आराधना को महिलाओं के सम्मान और सामर्थ्य से जोड़ते हुए प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

महिला सुरक्षा पर सरकार के दावों के बीच आगे की चुनौती

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की योजनाओं और पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को प्रमुखता से रखा है। मिशन शक्ति, सेफ सिटी परियोजना, महिला बीट पुलिसिंग और महिला पीएसी बटालियनों को इन प्रयासों का हिस्सा बताया गया है।

हालांकि, महिला सुरक्षा की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए अपराध के दर्ज मामलों, जांच और न्यायिक प्रक्रिया, शिकायतों पर कार्रवाई तथा महिलाओं की सुरक्षा संबंधी धारणा जैसे पहलुओं का भी आकलन महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, नवरात्रि की द्वितीया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराया। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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