जंतर-मंतर अब नहीं रहेगा धरना-प्रदर्शन का केंद्र, दिल्ली पुलिस ने बदले नियम; अभिजीत दिपके बोले- अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। गृह मंत्रालय के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय स्थलों की सूची से हटा दिया है। 11 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के बाद इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
इस बदलाव पर कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि अब जंतर-मंतर प्रदर्शन की जगह नहीं रहा, बल्कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा। उनका यह बयान विरोध-प्रदर्शन के अधिकार और राजधानी में प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों को लेकर नई बहस के बीच आया है।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब धरना-प्रदर्शन के लिए तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड शामिल हैं। हालांकि, इन स्थानों पर प्रदर्शन के लिए लागू शर्तों और अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
जंतर-मंतर को सूची से क्यों हटाया गया?
जंतर-मंतर लंबे समय से दिल्ली में धरना-प्रदर्शन और विभिन्न जन आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारी समूहों और अन्य संगठनों ने यहां अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किए हैं।
अब गृह मंत्रालय के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। इस कदम के पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया गया है।
फैसले के बाद यह सवाल उठ रहा है कि राजधानी में विरोध दर्ज कराने के लिए संगठनों को अब किन प्रक्रियाओं का पालन करना होगा और प्रदर्शनकारियों को अपने कार्यक्रमों के लिए किस तरह अनुमति मिलेगी।