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ममता चौधरी अजय राय विवाद: यूपी कांग्रेस मुख्यालय में हंगामा, राहुल गांधी से शिकायत

By aonenewstv | Published: Oct 12, 2026 09:12 AM

यूपी कांग्रेस में घमासान: अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों में मारपीट, राहुल गांधी से शिकायत करेंगी कांग्रेस नेत्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान रविवार को पार्टी के भीतर विवाद खुलकर सामने आ गया। लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी से जुड़े समर्थकों के बीच कहासुनी, धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई। इस दौरान जूते-चप्पल चलने की भी खबरें आईं। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए।

कांग्रेस मुख्यालय में हुए इस विवाद ने पार्टी के संगठनात्मक माहौल को लेकर चर्चा तेज कर दी है। ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व और राहुल गांधी से करेंगी।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

रविवार को लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा ‘मोना’ के प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यालय में पहले से काफी भीड़ थी। इसी दौरान रास्ता बनाने को लेकर बातचीत हुई और कथित तौर पर ममता चौधरी की ओर से सवाल किया गया कि अध्यक्ष कौन हैं। दूसरी ओर, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि अजय राय को देखकर टिप्पणी की गई थी। इस बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।

देखते ही देखते कहासुनी ने हंगामे का रूप ले लिया। समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई और जूते-चप्पल फेंके जाने की खबरें सामने आईं। स्थिति बिगड़ने पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की।

ममता चौधरी का आरोप- मुझे मां-बहन की गालियां दी गईं

घटना के बाद कांग्रेस नेत्री ममता चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें गालियां दी गईं और मारने के लिए उकसाने जैसी बातें कही गईं।

ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उनका कहना है कि महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा का स्वागत करने के लिए वहां मौजूद थीं।

ममता चौधरी ने इस घटना को दलित महिला के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि वह इस मामले को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगी। उन्होंने राहुल गांधी से शिकायत करने की बात भी कही।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अजय राय के खिलाफ वैसी टिप्पणी नहीं की, जैसी उनके बारे में कही जा रही है। उनके मुताबिक, उन्होंने केवल इतना कहा था कि उन्हें अजय राय को देखने का शौक नहीं है। ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके पक्ष की महिलाओं को निशाना बनाया गया।

ये सभी आरोप ममता चौधरी की ओर से लगाए गए हैं। मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

अजय राय ने भी की कार्रवाई की मांग

दूसरी ओर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करते हुए अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अजय राय का कहना है कि पार्टी के भीतर इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। विवाद के बाद वह नाराज होकर कार्यालय से बाहर चले गए थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने मामले को शांत कराने में भूमिका निभाई। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद पदभार ग्रहण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

कौन हैं ममता चौधरी?

ममता चौधरी लखनऊ की स्थानीय राजनीति में सक्रिय कांग्रेस नेता हैं। वह लखनऊ नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल की नेता हैं और मालवीय नगर वार्ड से पार्षद हैं। वह महिला कांग्रेस के मध्य क्षेत्र की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभालती रही हैं।

ममता चौधरी लंबे समय से कांग्रेस संगठन और महिला कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें मोहनलालगंज सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया था।

उनकी राजनीतिक सक्रियता और महिला कांग्रेस में भूमिका के कारण प्रदेश संगठन के भीतर उनका प्रभाव माना जाता है। ताजा विवाद के बाद उनका नाम एक बार फिर राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

आराधना मिश्रा के पदभार कार्यक्रम में क्यों अहम था यह घटनाक्रम?

आराधना मिश्रा ‘मोना’ के प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण समारोह कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव के लिहाज से महत्वपूर्ण था। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच विवाद होने से नेतृत्व परिवर्तन के दौरान संगठन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठे हैं।

कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं के समर्थकों के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं। हालांकि, विवाद की वजह और जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।

राहुल गांधी से शिकायत की तैयारी

ममता चौधरी ने कहा है कि वह इस पूरे मामले को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगी और राहुल गांधी से शिकायत करेंगी। दूसरी ओर, अजय राय ने भी अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से मामले में किसी अंतिम कार्रवाई की पुष्टि होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि संगठन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाएगा।

कांग्रेस मुख्यालय में हुआ यह विवाद अब केवल नेताओं के बीच कहासुनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला कार्यकर्ताओं के सम्मान, संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों से जुड़े सवाल भी इसके साथ उठ रहे हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर है।

यूपी कांग्रेस में घमासान: अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों में मारपीट, राहुल गांधी से शिकायत करेंगी कांग्रेस नेत्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान रविवार को पार्टी के भीतर विवाद खुलकर सामने आ गया। लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी से जुड़े समर्थकों के बीच कहासुनी, धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई। इस दौरान जूते-चप्पल चलने की भी खबरें आईं। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए।

कांग्रेस मुख्यालय में हुए इस विवाद ने पार्टी के संगठनात्मक माहौल को लेकर चर्चा तेज कर दी है। ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व और राहुल गांधी से करेंगी।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

रविवार को लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा ‘मोना’ के प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यालय में पहले से काफी भीड़ थी। इसी दौरान रास्ता बनाने को लेकर बातचीत हुई और कथित तौर पर ममता चौधरी की ओर से सवाल किया गया कि अध्यक्ष कौन हैं। दूसरी ओर, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि अजय राय को देखकर टिप्पणी की गई थी। इस बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।

देखते ही देखते कहासुनी ने हंगामे का रूप ले लिया। समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई और जूते-चप्पल फेंके जाने की खबरें सामने आईं। स्थिति बिगड़ने पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश की।

ममता चौधरी का आरोप- मुझे मां-बहन की गालियां दी गईं

घटना के बाद कांग्रेस नेत्री ममता चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें गालियां दी गईं और मारने के लिए उकसाने जैसी बातें कही गईं।

ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उनका कहना है कि महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा का स्वागत करने के लिए वहां मौजूद थीं।

ममता चौधरी ने इस घटना को दलित महिला के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि वह इस मामले को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगी। उन्होंने राहुल गांधी से शिकायत करने की बात भी कही।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अजय राय के खिलाफ वैसी टिप्पणी नहीं की, जैसी उनके बारे में कही जा रही है। उनके मुताबिक, उन्होंने केवल इतना कहा था कि उन्हें अजय राय को देखने का शौक नहीं है। ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके पक्ष की महिलाओं को निशाना बनाया गया।

ये सभी आरोप ममता चौधरी की ओर से लगाए गए हैं। मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

अजय राय ने भी की कार्रवाई की मांग

दूसरी ओर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करते हुए अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अजय राय का कहना है कि पार्टी के भीतर इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। विवाद के बाद वह नाराज होकर कार्यालय से बाहर चले गए थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने मामले को शांत कराने में भूमिका निभाई। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद पदभार ग्रहण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

कौन हैं ममता चौधरी?

ममता चौधरी लखनऊ की स्थानीय राजनीति में सक्रिय कांग्रेस नेता हैं। वह लखनऊ नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल की नेता हैं और मालवीय नगर वार्ड से पार्षद हैं। वह महिला कांग्रेस के मध्य क्षेत्र की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभालती रही हैं।

ममता चौधरी लंबे समय से कांग्रेस संगठन और महिला कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें मोहनलालगंज सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया था।

उनकी राजनीतिक सक्रियता और महिला कांग्रेस में भूमिका के कारण प्रदेश संगठन के भीतर उनका प्रभाव माना जाता है। ताजा विवाद के बाद उनका नाम एक बार फिर राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

आराधना मिश्रा के पदभार कार्यक्रम में क्यों अहम था यह घटनाक्रम?

आराधना मिश्रा ‘मोना’ के प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण समारोह कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव के लिहाज से महत्वपूर्ण था। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच विवाद होने से नेतृत्व परिवर्तन के दौरान संगठन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठे हैं।

कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं के समर्थकों के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं। हालांकि, विवाद की वजह और जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।

राहुल गांधी से शिकायत की तैयारी

ममता चौधरी ने कहा है कि वह इस पूरे मामले को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगी और राहुल गांधी से शिकायत करेंगी। दूसरी ओर, अजय राय ने भी अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से मामले में किसी अंतिम कार्रवाई की पुष्टि होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि संगठन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाएगा।

कांग्रेस मुख्यालय में हुआ यह विवाद अब केवल नेताओं के बीच कहासुनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला कार्यकर्ताओं के सम्मान, संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों से जुड़े सवाल भी इसके साथ उठ रहे हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर है।

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