ग्रेटर नोएडा में NCB का बड़ा एक्शन, दो गुप्त ड्रग्स लैब का भंडाफोड़; 45 करोड़ की ड्रग्स बनने का अनुमान
ग्रेटर नोएडा | उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने गौतम बुद्ध नगर जिले के जहांनाबाद क्षेत्र में दो गुप्त ड्रग्स लैब का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में क्रिस्टल, अर्ध-क्रिस्टलीय सामग्री और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई रसायन बरामद किए गए। NCB के मुताबिक, बरामद सामग्री से करीब 45 करोड़ रुपये की ड्रग्स तैयार होने का अनुमान है।
ऑपरेशन क्रिस्टल हंट के तहत छापेमारी
NCB ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन क्रिस्टल हंट के तहत अंजाम दिया। जांच एजेंसी को कथित तौर पर इलाके में गुप्त रूप से नशीले पदार्थ तैयार किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दो ऐसी जगहों का पता लगाया गया, जहां ड्रग्स बनाने का काम किए जाने का संदेह है।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में संदिग्ध पदार्थ और रसायन मिले। एजेंसी अब बरामद सामग्री की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन लैबों में किस तरह के मादक पदार्थ तैयार किए जा रहे थे और उनका इस्तेमाल कहां किया जाना था।
भारी मात्रा में क्रिस्टल और अन्य सामग्री बरामद
NCB के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 4.260 किलोग्राम क्रिस्टल, 157.700 किलोग्राम अर्ध-क्रिस्टलीय सामग्री और 217.780 किलोग्राम अन्य सामग्री बरामद की गई है।
एजेंसी ने जब्त सामग्री के आधार पर करीब 45 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स तैयार होने का अनुमान जताया है। हालांकि, बरामद पदार्थों की अंतिम पहचान, उनकी प्रकृति और वास्तविक मूल्य का आकलन जांच तथा परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा।
ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन मिले
छापेमारी के दौरान कथित लैबों से कई तरह के रसायन भी बरामद किए गए। इनमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यून, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटैशियम परमैंगनेट शामिल हैं।
NCB इन रसायनों और अन्य बरामद सामग्री की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इनका इस्तेमाल किस प्रक्रिया में किया जा रहा था और लैबों में नशीले पदार्थ तैयार करने का काम किस स्तर पर चल रहा था।
विदेशी नागरिक और मिजोरम की महिला गिरफ्तार
इस मामले में NCB ने डेस्टिनी अब्राहम डंबिरी और ललमजुआली उर्फ ओलिविया लालछाविमावी को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में एक विदेशी नागरिक और मिजोरम की एक महिला शामिल हैं।
एजेंसी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में उनकी कथित भूमिका, लैबों के संचालन और ड्रग्स की संभावित सप्लाई से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका को देखते हुए भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
फंडिंग और सप्लाई नेटवर्क की जांच
NCB अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कथित लैबों को स्थापित करने के लिए धन किसने उपलब्ध कराया था। इसके साथ ही रसायनों की खरीद, लैबों के संचालन और तैयार किए जा रहे नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि रसायन कहां से मंगाए जाते थे, इस पूरे काम में और कौन-कौन लोग शामिल थे और तैयार सामग्री को किन स्थानों तक पहुंचाने की योजना थी।
जांच के बाद सामने आएंगी नेटवर्क की अन्य कड़ियां
ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त ड्रग्स लैब का खुलासा नशीले पदार्थों के कथित अवैध कारोबार की गंभीरता को सामने लाता है। बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री और रसायनों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसी का ध्यान अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने पर है।
NCB की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन लैबों का संचालन कब से हो रहा था, इनके पीछे कौन लोग थे और कथित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था। फिलहाल एजेंसी फंडिंग, रसायनों की खरीद और सप्लाई से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।