SIR पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज, राहुल गांधी-खड़गे और ओवैसी की याचिकाओं पर टिकी नजरें
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर उठे सवाल, जंतर-मंतर प्रदर्शन और दिल्ली में पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई की संभावना
नई दिल्ली: मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होने की संभावना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म-6 में बदलाव और SIR से जुड़े फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष होने की बात कही गई है।
इसके अलावा, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी SIR की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर भी सुनवाई होने की संभावना जताई गई है।
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। याचिका में यह मुद्दा उठाया गया है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया किस तरह अपनाई जा रही है और इसमें किए गए बदलाव संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप हैं या नहीं।
विपक्ष की ओर से फॉर्म-6 में बदलाव और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई गई है। फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। ऐसे में इससे संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं को लेकर उठाए गए सवाल सुनवाई के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों और दलीलों पर अंतिम स्थिति अदालत के विचार और आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 नेताओं की याचिका
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 विपक्षी नेताओं ने SIR से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में चुनाव आयोग के फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
विपक्ष का तर्क है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर सुनवाई के दौरान अदालत प्रक्रिया, संबंधित नियमों और संवैधानिक प्रावधानों पर विचार कर सकती है।
ओवैसी ने भी SIR के खिलाफ दी चुनौती
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर भी सुनवाई होने की संभावना है।
SIR को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से उठाए गए सवालों के बीच अदालत की कार्यवाही महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत इन याचिकाओं पर क्या रुख अपनाती है और चुनाव आयोग से किसी तरह का जवाब या स्पष्टीकरण मांगती है या नहीं।
प्रमोद तिवारी बोले- संविधान और सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने SIR को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए भारत के संविधान और सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा जताया है।
उन्होंने दावा किया कि SIR के नाम पर 13 करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं और इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो उनके अनुसार वैध मतदाता हैं। यह आंकड़ा प्रमोद तिवारी का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि अदालत का फैसला उन मतदाताओं के पक्ष में आता है, तो उन राज्यों में चुनाव प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा, जहां मतदान पहले ही हो चुका है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट सभी पक्षों की दलीलों और संविधान के प्रावधानों पर विचार करते हुए ऐसा फैसला देगा, जिससे लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा हो सके।
जंतर-मंतर से जुड़ी याचिकाओं पर भी नजर
दिल्ली के जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन याचिकाओं पर भी सुनवाई होने की संभावना जताई गई है।
प्रदर्शन स्थल से संबंधित विवाद में सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल, विरोध दर्ज कराने के अधिकार और प्रशासनिक प्रतिबंधों जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
दिल्ली में पुलिस कार्रवाई और मेट्रो प्रतिबंधों का मामला
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों से संबंधित मामलों पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।
इन मामलों में प्रदर्शनकारियों के अधिकारों, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक परिवहन पर लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़े सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, इन याचिकाओं पर अदालत की ओर से क्या निर्देश दिए जाएंगे, यह सुनवाई के बाद ही पता चलेगा।
AAP का प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाने की तैयारी में है। SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पर बहस को और तेज कर सकता है।
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा लहराने का ऐलान किया है।
आज की सुनवाई पर क्यों टिकी हैं नजरें?
SIR से जुड़ी याचिकाओं के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और दिल्ली में पुलिस कार्रवाई से संबंधित मामलों को लेकर भी न्यायिक कार्यवाही पर नजर रहेगी। मतदाता सूची में संशोधन, वैध मतदाताओं के अधिकार और चुनाव आयोग की प्रक्रिया इस विवाद के प्रमुख मुद्दे हैं।
फिलहाल, सुनवाई से पहले याचिकाकर्ताओं की दलीलें और नेताओं के बयान सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट की वास्तविक टिप्पणियों, आदेशों और आगे की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की दिशा स्पष्ट होगी।