📅 Loading Date & Time...
होम > राजनीति > न्यूज़

Ratnakar Mishra Viral Statement: राम-द्रोहियों के वोट पर BJP विधायक का बयान

By aonenewstv | Published: Oct 15, 2026 04:32 AM

‘राम-द्रोहियों के वोट से अशुद्ध होगी EVM’, मिर्जापुर के BJP विधायक रत्नाकर मिश्रा के बयान से विवाद

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर नगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रत्नाकर मिश्रा का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में विधायक कथित तौर पर राम-द्रोहियों और देश के गद्दारों के वोट स्वीकार नहीं करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के वोट से ईवीएम अशुद्ध हो जाएगी। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।

‘राम-द्रोहियों के वोट से अशुद्ध होगी EVM’

वायरल वीडियो में रत्नाकर मिश्रा कथित तौर पर कहते हैं कि उन्हें ऐसे लोगों का वोट नहीं चाहिए, जो उनके विचार में देश और भगवान राम के विरोधी हैं। उनके बयान में राम-द्रोहियों के वोट से ईवीएम अशुद्ध होने की बात भी सामने आई है।

इस बयान के बाद चुनाव में मताधिकार, राजनीतिक विचारधारा और मतदाताओं के प्रति जनप्रतिनिधियों की भाषा को लेकर बहस तेज हो सकती है। हालांकि, वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ और बयान की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।

भारत माता की जय बोलने वालों का समर्थन मांगने की बात

रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी विधायक ने अपने बयान में भारत माता की जय और जय श्रीराम बोलने वाले लोगों का समर्थन मिलने की बात कही। उनके वक्तव्य को धार्मिक और राष्ट्रवादी नारों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

इस बयान से यह सवाल भी उठता है कि क्या किसी जनप्रतिनिधि को मतदाताओं के धार्मिक विचारों या नारों के आधार पर उनके वोट को स्वीकार या अस्वीकार करने की बात कहनी चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार प्राप्त है और मतदाता की पसंद का सम्मान करना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर विदेशी साजिश का आरोप

वायरल बयान में रत्नाकर मिश्रा ने भारत में रहकर पाकिस्तान का गुणगान करने वालों पर भी निशाना साधा। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दिल्ली में हुए प्रदर्शन के संदर्भ में विदेशी साजिश का आरोप लगाया और ऐसे लोगों की आलोचना की, जिन पर उनके मुताबिक देश के हितों के खिलाफ काम करने का संदेह है।

हालांकि, किसी प्रदर्शन के पीछे विदेशी साजिश होने का दावा अपने आप में प्रमाण नहीं माना जा सकता। ऐसे आरोपों की पुष्टि संबंधित तथ्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान

रत्नाकर मिश्रा का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके कथित वक्तव्य को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। एक ओर इस तरह के बयानों को राजनीतिक विचारधारा और राष्ट्रवाद से जोड़कर देखा जाता है, वहीं दूसरी ओर मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के संदर्भ में भी सवाल उठते हैं।

फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर बयान को लेकर चर्चा जारी है। इस मामले में विधायक की ओर से कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण या संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद की पृष्ठभूमि और स्पष्ट हो सकेगी।

चुनाव और मताधिकार को लेकर क्यों अहम है यह विवाद?

भारत में चुनावी प्रक्रिया संविधान और संबंधित चुनावी कानूनों के तहत संचालित होती है। पात्र मतदाता को धर्म, जाति या राजनीतिक विचारों के आधार पर मतदान से वंचित नहीं किया जा सकता। ईवीएम में वोट दर्ज होने की प्रक्रिया भी निर्धारित नियमों के अनुसार होती है।

ऐसे में किसी जनप्रतिनिधि के बयान का मूल्यांकन उसके पूरे संदर्भ, उपलब्ध वीडियो और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर किया जाना चाहिए। मिर्जापुर के बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा का वायरल बयान इसी वजह से चर्चा में है।

Scroll to Top