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जिला सैनिक बन्धु बैठक गाजियाबाद: पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

By yogesh jindoria | Published: Sep 25, 2026 05:05 AM

जिला सैनिक बन्धु बैठक गाजियाबाद में पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

गाजियाबाद, 24 सितंबर 2026। भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान को लेकर गुरुवार को गाजियाबाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सैनिक बन्धु बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नगर), गाजियाबाद ने की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके आश्रित मौजूद रहे।

जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कैप्टन (आई.एन.) राम प्रवेश सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि बैठक का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर उनका जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित करना था।

पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और आयु सीमा में छूट

बैठक की शुरुआत में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कैप्टन राम प्रवेश सिंह ने उपस्थित अधिकारियों, सैन्य प्रतिनिधियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों, एलडीएम, जिला सैनिक बन्धु समिति के सदस्यों, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों का स्वागत किया।

बैठक में पूर्व अग्निवीरों के समायोजन से संबंधित शासन के नए आदेश की जानकारी दी गई। बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के तहत पूर्व अग्निवीरों को सिपाही की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पदों पर आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही निर्धारित आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट का प्रावधान भी किया गया है।

पुलिस भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट से संबंधित विषय पर भी चर्चा हुई। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि अन्य राज्यों की तर्ज पर पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता में छूट देने के संबंध में निदेशालय, सैनिक कल्याण की ओर से पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा जा चुका है।

पूर्व में आए मामलों की हुई समीक्षा

बैठक में पिछली जिला सैनिक बन्धु बैठकों के दौरान प्राप्त आवेदन-पत्रों और शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के सामने लंबित मामलों की स्थिति रखी गई और संबंधित विभागों से कार्रवाई की जानकारी ली गई।

सारजेन्ट प्रवीन कुमार के प्रकरण में खसरा संख्या-562 से संबंधित जमीन की पैमाइश के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि पैमाइश के बाद जमीन पूरी पाई गई है। वहीं खसरा संख्या-560 में फिलहाल फसल खड़ी है। फसल कटने के बाद दोबारा पैमाइश कराने की बात कही गई।

सार्वजनिक रास्ते से हटाया गया अतिक्रमण

श्रीमती राजेन्द्र फौगाट के प्रकरण में अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मुरादनगर की ओर से रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित रास्ता सार्वजनिक है और उस पर बनाई गई दीवार अतिक्रमण की श्रेणी में आती है।

प्रकरण में कार्रवाई करते हुए दीवार को तोड़कर सार्वजनिक रास्ता खोल दिया गया है। बैठक में इस कार्रवाई की जानकारी समिति के सामने रखी गई।

प्लॉट से जुड़े मामले पर समिति को बुलाने के निर्देश

पूर्व सैनिक महीपाल सिंह के 200 गज के प्लॉट को कम किए जाने से संबंधित मामले पर भी चर्चा हुई। इस मामले में समिति के सचिव को आगामी जिला सैनिक बन्धु बैठक में उपस्थित होने के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सके और आगे की कार्रवाई की जा सके।

गन लाइसेंस नवीनीकरण की भी समीक्षा

बैठक में पूर्व सैनिकों के गन लाइसेंस के नवीनीकरण से संबंधित मामलों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक केवल चार मामलों में पुलिस वैरिफिकेशन प्राप्त हुआ है। शेष मामलों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।

करीब 40 पूर्व सैनिक और आश्रित हुए शामिल

जिला सैनिक बन्धु बैठक में करीब 40 पूर्व सैनिक और आश्रित शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सुना तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कैप्टन (आई.एन.) राम प्रवेश सिंह ने बैठक में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों, सैन्य एवं पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों, अन्य पदाधिकारियों तथा पूर्व सैनिकों और आश्रितों का आभार व्यक्त किया।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में एडम कमान्डेन्ट, स्टेशन हेडक्वार्टर बाबूगढ़ कैंट, हापुड़, पुलिस विभाग से एसीपी भास्कर वर्मा, एलडीएम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय की ओर से श्री पवन कुमार, वरिष्ठ सहायक, श्रीमती रीतू सिंह, कनिष्ठ सहायक, श्री निपुण पायला, कनिष्ठ सहायक तथा श्री राकेश और पवन भी उपस्थित रहे।

बैठक में पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाने और लंबित मामलों का नियमानुसार जल्द समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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