डायल 112 पेट्रोल चोरी: बरेली में सरकारी गाड़ी से तेल निकालने का आरोप, 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड
उत्तर प्रदेश के बरेली में डायल 112 की सरकारी गाड़ी के पेट्रोल में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। शिकायत और जांच के बाद पुलिस विभाग ने गाड़ी संख्या 6854 पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी पेट्रोल पंप संचालकों से मिलीभगत कर सरकारी वाहन के लिए मिलने वाले ईंधन में गड़बड़ी करते थे और वाहन से तेल निकालकर कथित तौर पर बेचते थे। मामले में एक होमगार्ड का नाम भी जांच के दौरान सामने आया है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामला बरेली के शाही थाना क्षेत्र का है। यहां डायल 112 की गाड़ी के ईंधन को लेकर शिकायत सामने आने के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कराई। जांच के दौरान डायल 112 वाहन पर तैनात हेड कांस्टेबल ब्रजेश कुमार और कांस्टेबल मोन्टी कुमार की भूमिका सवालों के घेरे में आई।
आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ मिलीभगत करके सरकारी वाहन के पेट्रोल में हेराफेरी करते थे। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई और रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई।
CCTV और वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा मामला
इस मामले से जुड़ा वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा सरकारी वाहन से ईंधन निकालने की गतिविधि दिखाई देने का दावा किया गया है।
वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई गई। अधिकारियों ने यह भी जांच शुरू की कि सरकारी वाहन में मिलने वाले ईंधन की मात्रा और वास्तविक इस्तेमाल के बीच कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं की जा रही थी।
दो पुलिसकर्मी निलंबित
जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने हेड कांस्टेबल ब्रजेश कुमार और कांस्टेबल मोन्टी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित तौर पर सरकारी वाहन के ईंधन में कितने समय से हेराफेरी की जा रही थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
होमगार्ड मुकेश शर्मा का भी नाम सामने आया
मामले की जांच में होमगार्ड मुकेश शर्मा का नाम भी सामने आया है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट होमगार्ड को पत्र भेजा गया है।
अधिकारियों की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कथित तौर पर ईंधन की हेराफेरी में होमगार्ड की क्या भूमिका थी और क्या वह पेट्रोल पंप से जुड़े लोगों के संपर्क में था। फिलहाल उसके खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
19 सितंबर की घटना का भी जिक्र
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, वायरल वीडियो से जुड़ी घटना 19 सितंबर की बताई गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद स्थानीय स्तर से रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई और एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ विभागीय जांच के आदेश दिए।
जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में विभागीय जांच जारी है। जांच का मुख्य फोकस सरकारी वाहन के ईंधन के इस्तेमाल, पेट्रोल पंप से जुड़े रिकॉर्ड और वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों पर है।
अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित हेराफेरी कितने समय से चल रही थी, इसमें कितनी मात्रा में ईंधन की गड़बड़ी हुई और इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है।