कैलाश विजयवर्गीय महिला पार्षद विवाद: टिप्पणी पर मंत्री ने दी सफाई, कहा- शब्दों को गलत तरीके से लिया गया
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की इंदौर में एक महिला पार्षद को लेकर की गई टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब उनके स्पष्टीकरण के बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है। सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान महिला पार्षद संध्या यादव की शारीरिक बनावट को लेकर की गई टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई और सार्वजनिक माफी की मांग की थी। अब कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की है और पूरे मामले पर खेद जताया है।
वीडियो जारी कर विजयवर्गीय ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान महिला पार्षद संध्या यादव को लेकर उन्होंने जो शब्द कहे, उन्हें अलग संदर्भ में लिया गया। मंत्री ने कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं और उन्होंने उन्हें बचपन से देखा है।
विजयवर्गीय ने अपने स्पष्टीकरण में यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि मीडिया में जिस तरह से उनकी टिप्पणी को जगह मिली, उससे स्थिति और गंभीर हुई। मंत्री ने सार्वजनिक रूप से इस मामले पर खेद प्रकट किया।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, इंदौर के वार्ड नंबर 6 में करीब 7 करोड़ रुपये के विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने महिला पार्षद संध्या यादव के काम और सक्रियता का जिक्र किया।
इसके बाद सामने आए वीडियो में मंत्री को पार्षद की शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणी करते सुना गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक मंच पर महिला जनप्रतिनिधि की शारीरिक बनावट को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। कुछ नेताओं ने मामले को लेकर उनके इस्तीफे की मांग भी की। इस तरह यह मुद्दा स्थानीय कार्यक्रम की टिप्पणी से आगे बढ़कर राजनीतिक विवाद का विषय बन गया।
संध्या यादव ने भी दिया अपना पक्ष
विवाद के बीच महिला पार्षद संध्या यादव ने भी कैलाश विजयवर्गीय के समर्थन में अपना पक्ष रखा। उन्होंने विजयवर्गीय को पिता तुल्य बताते हुए कहा कि उनके और मंत्री के बीच लंबे समय से पारिवारिक संबंध जैसे हैं।
संध्या यादव ने कहा कि विजयवर्गीय ने उन्हें बचपन से स्नेह दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को उस संदर्भ में देखा जाना चाहिए जिसमें वह बात कही गई थी।
‘मेरी बेटी भी दुखी है’
कैलाश विजयवर्गीय ने अपने वीडियो संदेश में यह भी कहा कि इस पूरे विवाद से उनकी बेटी भी दुखी है। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को जिस तरीके से मीडिया में पेश किया गया, उससे उन्हें पीड़ा हुई।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पार्षद के प्रति किसी तरह की आपत्तिजनक भावना व्यक्त करना नहीं था। उन्होंने दोबारा इस पूरे मामले पर खेद जताया।
विवाद के बाद आया स्पष्टीकरण
इस पूरे मामले में घटनाक्रम अब टिप्पणी, राजनीतिक प्रतिक्रिया और उसके बाद मंत्री की सफाई तक पहुंच चुका है। एक तरफ वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए, वहीं संबंधित पार्षद ने मंत्री के बयान का अलग संदर्भ बताते हुए उनका बचाव किया है।
कैलाश विजयवर्गीय ने भी सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उनके शब्दों को गलत तरीके से लिया गया और उन्होंने इस मामले पर खेद व्यक्त किया। अब इस विवाद पर आगे राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।