चंदौली में नाबालिग लड़की को बंधक बनाने का आरोप, RO प्लांट में बंद मिली, पुलिस ने कराया रेस्क्यू
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के शहाबगंज थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। सेमरा गांव में लड़की के आरओ प्लांट परिसर के एक कमरे में बंद होने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाकर लड़की को बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला पैसों के लेनदेन से जुड़े विवाद का सामने आया है।
रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को हुआ शक
पुलिस के मुताबिक, घटना 16 सितंबर की है। लड़की के स्कूल से लौटने के बाद काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान आरओ प्लांट परिसर की तरफ से रोने की आवाज सुनाई दी। परिजनों और ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
सूचना मिलने के बाद डायल 112 की पीआरवी और शहाबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे का ताला खुलवाया और लड़की को बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार लड़की को उसके परिजनों की मौजूदगी में परिवार को सौंप दिया गया।
मां की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ केस
मामले में लड़की की मां की ओर से पुलिस को लिखित तहरीर दी गई। इसके आधार पर पुलिस ने जुबैर आलम और इकराम अंसारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ भी की है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में दोनों पक्षों के बीच कई महीने पहले हुए पैसों के लेनदेन का विवाद सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान कुछ तथ्य संदिग्ध और आपस में विरोधाभासी मिले हैं। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
कर्ज के विवाद से जुड़ा है मामला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लड़की के परिवार और दूसरे पक्ष के बीच उधार लिए गए पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। उपलब्ध रिपोर्टों में कर्ज की रकम को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है, इसलिए पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में लड़की को परिसर से बाहर निकाले जाने की बात सामने आई है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया।
पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के बजाय जांच में सामने आए तथ्यों पर भरोसा करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।