📅 Loading Date & Time...
होम > राज्य > न्यूज़

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से रीतू शुक्ला को मिली आर्थिक सहायता, मातृत्व सफर हुआ आसान

By yogesh jindoria | Published: Sep 17, 2026 02:31 PM

गाजियाबाद। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाती है। केंद्र सरकार के अनुसार, पहली जीवित संतान के लिए योजना के तहत कुल ₹5,000 दो किस्तों में दिए जाते हैं।

गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र की निवासी श्रीमती रीतू शुक्ला पत्नी श्री मनोज कुमार ने अपने मातृत्व के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पहली गर्भावस्था के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें अतिरिक्त खर्चों की चिंता थी। इसी दौरान क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकत्री से उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने योजना के लिए पंजीकरण कराया।

रीतू के अनुसार, पहली एएनसी जांच के बाद उन्हें योजना के तहत ₹3,000 की पहली किस्त प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता से गर्भावस्था के दौरान पोषण और आवश्यक देखभाल से जुड़े खर्चों में उन्हें सहयोग मिला। इसके बाद प्रसव और बच्चे के निर्धारित टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें ₹2,000 की दूसरी किस्त भी प्राप्त हुई। गाजियाबाद जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार भी पहली बार गर्भवती होने पर योजना के तहत ₹3,000 और ₹2,000 की दो किस्तों में कुल ₹5,000 दिए जाते हैं।

रीतू ने बताया कि आज उनकी बच्ची स्वस्थ है। उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री और सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता से मातृत्व के दौरान उन्हें काफी सहारा मिला। अब वह अपने आसपास की अन्य गर्भवती महिलाओं को भी योजना की जानकारी देकर पात्र होने पर इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मातृत्व के दौरान आंशिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के प्रति जागरूकता और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना है। योजना के तहत सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

योजना के तहत दूसरे बच्चे के बालिका होने पर भी निर्धारित पात्रता एवं शर्तों के अनुसार ₹6,000 की सहायता एक किस्त में दिए जाने का प्रावधान है। पात्रता में विभिन्न श्रेणियों की महिलाएं शामिल हैं और आवेदन आंगनवाड़ी या आशा कार्यकर्ता के माध्यम से अथवा संबंधित ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किया जा सकता है।

रीतू जैसी महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि मातृत्व के दौरान मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। जनपद प्रशासन की ओर से पात्र महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और पंजीकरण कराने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं संबंधित विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से जागरूकता एवं पंजीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

सरकारी योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाना है, ताकि गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग मिल सके।

Scroll to Top