वडोदरा गणेश चंदा विवाद: ₹21 हजार मांगने पर मारपीट, CCTV में कैद हुआ पूरा मामला
गुजरात के वडोदरा में गणेशोत्सव के चंदे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। चोखंडी इलाके में गणेश उत्सव के लिए चंदा मांगने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच कर रही है।
₹21 हजार चंदे को लेकर शुरू हुआ विवाद
मामला चोखंडी वाडा पोल इलाके का है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के रहने वाले बिजेंद्रसिंह वाघेला वहां ‘राजस्थान कुल्फी’ नाम से दुकान चलाते हैं। आरोप है कि गणेशोत्सव के लिए उनसे 21 हजार रुपये चंदे की मांग की गई थी। रकम को लेकर असहमति के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
दूसरे पक्ष के जतिन पटनी का कहना है कि वे करीब 20 साल से ‘चोखंडी यूथ फेडरेशन’ के नाम से गणेश स्थापना करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, गणेश प्रतिमा के आगमन के बाद चंदे को लेकर कहासुनी हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
जतिन पटनी की शिकायत के अनुसार, चंदे को लेकर हुए विवाद के दौरान महेश वाघेला ने कथित तौर पर लकड़ी की छड़ी से उनके साथियों पर हमला किया। शिकायत में बिजेंद्रसिंह वाघेला और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी विवाद में शामिल होने तथा धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है।
वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी आरोप लगाया गया कि चंदे की रकम देने से इनकार करने के बाद कुछ युवक दुकान में घुस गए और वहां तोड़फोड़ की। इस पक्ष का दावा है कि दुकान को नुकसान पहुंचाया गया। घटना से जुड़े CCTV फुटेज पुलिस की जांच का हिस्सा हैं।
CCTV में कैद हुई घटना
पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। फुटेज सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। हालांकि, CCTV और दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस ने आरोपों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जांच में चंदे की मांग, कथित मारपीट, धमकी और दुकान में तोड़फोड़ के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गणेशोत्सव के दौरान सामने आए इस विवाद ने चंदा वसूली और सार्वजनिक आयोजनों को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस भी छेड़ दी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट व कथित तोड़फोड़ में किसकी क्या भूमिका थी।